कैथल। ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये ठगी मामले में पुलिस ने आरोपी कालवन जिला जींद निवासी प्रदीप व जिला फतेहाबाद के गांव अमानी निवासी संदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि किठाना निवासी जमालदीन की शिकायत अनुसार उसने और उसके दोस्त के बेटे सुनील ने ग्रुप डी में नौकरी के लिए साल 2018 में आवेदन किया था। उसकी मौसी के लडक़े कालवन निवासी प्रदीप ने कहा कि उसके पास नौकरी लगवाने के लिए एक एक व्यक्ति है। उसने पहले भी कइयों को सेटिंग से नौकरी पर लगवा दिया है। उसने उनको आरोपी संदीप से मिलवाया। इसके बाद संदीप ने कैथल के रहने वाले टिंकू गर्ग व रणधीर नेपेवाला जींद से बात की और कहा कि उनका काम 100 प्रतिशत हो जाएगा। इसके लिए 10 लाख रुपये का इंतजाम करें।
संदीप ने बताया कि रणधीर नेपेवाले का भाई हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) में सदस्य है। इस झांसे में आकर उन्होंने पैसों का इंतजाम कर दिया। जब तक पैसे इकट्ठे हुए तब तक भर्ती का परिणाम भी आ चुका था। जब इस बारे में उन्होंने आरोपियों को बताया तो जवाब आया कि कोई बात नहीं वेटिंग लिस्ट में नाम एड करा देंगे। इस तरीके से उन्होंने अलग-अलग समय में 9.80 लाख रुपये ले लिए।
जब उसने कहा कि नाम तो अभी भी नहीं आया है तो आरोपी रणधीर नेपेवाला बोला क्या बात हो गई। एचएसएससी में बैठाकर दोबारा से पेपर दिलवा देंगे। जब दोबारा उनको फोन किया तो चारों आरोपियों के नंबर बंद मिले। इस बारे में थाना राजौंद में मामला दर्ज था। आरोपियों के कब्जे से ठगी के पैसे से खरीदी गई कार व नौ हजार रुपये नकदी बरामद किए हैं। दोनो आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।