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Kaithal News: ई-टिकटिंग मशीनों की कमी, 215 मशीनों में से 35 खराब

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पुराने बस अड्डे में ई चार्जिंग प्वाइंट में लगी मशीनें।संवाद
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कैथल। जिले का रोडवेज डिपो इन दिनों ई-टिकटिंग मशीनों की भारी कमी से जूझ रहा है। डिपो के पास परिचालकों की संख्या के अनुसार ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध नहीं हैं।
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परिचालकों की संख्या के अनुसार डिपो में 280 ई टिकटिंग मशीन होनी जरूरी हैं लेकिन डिपो के पास फिलहाल 180 मशीनें ही उपलब्ध है। इनमें से पांच ई टिकटिंग मशीन हैप्पी कार्ड एक्टिवेट के लिए लगाई हुई हैं।
डिपो को 215 मशीनें मिली थी लेकिन उनमें से 35 मशीनें खराब हो गईं। उन मशीनों को मुख्यालय में ठीक करवाने के लिए भेजा हुआ है। अभी तक मशीन ठीक होकर नहीं आई है। इसके अलावा नई टिकट मशीनें नहीं भेजी गई हैं। कई मशीनें तकनीकी खराबी के कारण सही ढंग से काम नहीं कर पा रही हैं। ऐसे में परिचालकों को कई बार हाथ से टिकट काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। डिपो में चल रही अधिकतर ई-टिकटिंग मशीन काफी पुरानी हो चुकी हैं। इनकी बैटरियां भी अब जवाब देने लगी हैं।
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कई मशीनों की बैटरी फूल चुकी है जिससे उन्हें बार-बार चार्जिंग पर लगाना पड़ता है। इसके बावजूद मशीन ज्यादा देर तक काम नहीं कर पातीं। कई बार मशीनें बीच में ही प्रोसेसिंग छोड़ देती हैं या हैंग हो जाती हैं जिससे टिकटिंग कार्य बाधित होता है। परिचालकों के अनुसार कई मशीनों में प्रिंटर सही तरीके से काम नहीं करता। कई बार टिकट निकलता ही नहीं जिससे यात्रियों और परिचालकों के बीच असहज स्थिति बन जाती है। ऐसी स्थिति में परिचालक को हाथ से टिकट बनाना पड़ता है जिससे समय भी अधिक लगता है और कार्य की पारदर्शिता पर भी असर पड़ता है।
परिचालकों पर बढ़ा काम का दबाव : जिले में करीब 280 परिचालक कार्यरत हैं, जबकि रोजाना लगभग 180 से अधिक बसें विभिन्न रूटों पर रवाना होती हैं लेकिन मशीनों की कमी से कई बार एक ही मशीन को कई परिचालकों के बीच साझा करना पड़ता है। एक परिचालक को छुट्टी करनी पड़ती है जिससे कार्य प्रभावित होता है और समय पर टिकटिंग नहीं हो पाती।
यात्री मनप्रीत ने बताया कि बसों में ई-टिकटिंग मशीनों की प्रक्रिया पूरी धीमी चलती है। हैप्पी कार्ड की टिकट पर ज्यादा समय लगता है। ई टिकटिंग मशीनों की पूरी व्यवस्था डिपो में होनी चाहिए, ताकि यात्रियों व परिचालकों को परेशानी न आए। यात्रियों ने विभाग से जल्द से जल्द नई मशीनें उपलब्ध करवाने की मांग की, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके और परिचालकों का कार्य भी सुचारू हो।

पुराने बस अड्डे में ई चार्जिंग प्वाइंट में लगी मशीनें।संवाद

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