कैथल। पूंडरी के गांव फतेहपुर में बने राजीव गांधी स्टेडियम में सुविधाओं का अभाव है। इस कारण खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। करोड़ों की लागत से बना स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए किसी भी प्रकार से काम नहीं आ रहा। इस पर लगा खर्च होता जा रहा है।
विभाग भी इन स्टेडियमों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। इस खेल मैदान में कोई भी ग्राउंड मैन नहीं है और न ही कोई कोच है। इसकी वजह से स्टेडियम की देखभाल नहीं हो रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि फतेहपुर का स्टेडियम सफेद हाथी बनकर रह गया है। सरकार ने दिखावे के लिए तो स्टेडियम बना दिया, लेकिन खिलाड़ियों को इससे कोई लाभ नहीं है।
खिलाड़ी राजू, पवन, सोनी, रिंकू, टोनी, दीपक, राहुल, सुनील, रोहित और सौरभ ने कहा कि 15 वर्ष पहले गांव फतेहपुर में स्टेडियम बनाया था, लेकिन आज तक इस स्टेडियम खिलाडिय़ों को कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई। सुबह और शाम सैकड़ों से भी अधिक संख्या में युवा स्टेडियम में अभ्यास करने के लिए आते हैं।
उन्होंने कहा कि स्टेडियम में कोई भी व्यवस्था ढंग की नहीं है। खिलाड़ियों को स्टेडियम में पूरे उपकरण न होने की वजह से अभ्यास करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने करोड़ों की लागत से यह स्टेडियम बनवाया हुआ है। लेकिन इसकी देखरेख के लिए किसी को भी इसकी जिम्मेदारी हीं सौंपी है।
किसी को इसका चार्ज दिया हुआ है वह औपचारिकता के तौर पर महीने में एकाध बार ही स्टेडियम में आता है। उसकी दिन अपनी हाजिरी लगाकर चला जाता है, लेकिन स्टेडियम में क्या चल रहा है, खिलाड़ियों के खेलने की क्या व्यवस्था है। स्टेडियम में खेल के उपकरणों की क्या स्थिति इस बारे में देखभाल करने वाला कोई भी नहीं है।
विभाग की ओर से भी इस स्टेडियम की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। सुविधाएं न मिलने से खिलाड़ियों की प्रतिभा दबती जा रही है। खिलाड़ियों ने मांग की है कि जल्द से स्टेडियम में खेल के उपकरणों से लेकर मूलभूत सुविधाओं की भी व्यवस्था की जाए, ताकि खिलाड़ी अच्छे से अभ्यास कर सके और प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।