कैथल। मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल सूर्यकुंड डेरे के सरोवर के जीर्णोद्धार के लिए चार साल बाद भी बजट नहीं मिल पाया है। सूर्यकुंड डेरे के सरोवर पर घाट व शौचालयों का निर्माण होना है। इसके लिए वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री की घोषणा में इस कार्य को शामिल किया गया था। इसके लिए शहरी एवं स्थानीय विभाग को एक करोड़ 18 लाख रुपये का बजट देने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन अभी तक न तो यह बजट आया और न ही इस पर कोई निर्माण कार्य शुरू हो पाया है।
वहीं, इसके साथ ही चंदाना गेट स्थित ऐतिहासिक श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर के तालाब में भी घोषणा के बावजूद पार्क का निर्माण नहीं किया गया है। इस मंदिर की जगह में बने तालाब पर मिट्टी डालकर नगर परिषद ने एक हर्बल पार्क का निर्माण करना था। यह पार्क भी चार साल बीत जाने के बावजूद नहीं बन पाई है।
चैत्र नवरात्र पर दो दिन लगता है मेला, पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु
मंदिर के महंत रमनपुरी ने बताया कि सूर्यकुंड मंदिर परिसर में बने काली माता मंदिर में चैत्र नवरात्र पर दो दिन राष्ट्र स्तरीय मेला लगता है। इस दो दिवसीय मेले में उत्तर भारत में स्थित हरियाणा दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान और यूपी से लाखों श्रद्धालु मंदिर में माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। इस समय में श्रद्धालुओं के लिए इस सरोवर में स्नान के लिए पानी का प्रबंध किया जाता है। इस कारण ही मंदिर परिसर में सरोवर में श्रद्धालुओं को स्नान करने के लिए घाट की जरूरत पड़ती है। यहां पर महिला घाट न होने के कारण महिलाओं को भी स्नान की सुविधा नहीं मिल पाती है। इस समय इन घाटों की हालत भी खराब हो चुकी है। सरकार के निवेदन है कि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा किया जाए।
विधानसभा चुनाव के पहले वर्ष 2018 के अंत में हुई थी घोषणा-
सूर्यकुंड मंदिर परिसर में घाट और शौचालय बनाने व श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में तलाब बनाने की घोषणा विधानसभा चुनाव के पहले वर्ष 2018 के अंत में हुई थी। वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव के जीत के बावजूद इस सूर्यकुंड मंदिर परिसर में घाट व शौचालय का निर्माण नहीं हो पाया है। इसी प्रकार से ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में भी पार्क भी नहीं बन पाया है।
इस मामले में नगर परिषद कैथल के एमई सुमित ने बताया कि सूर्यकुंड मंदिर में घाट के निर्माण के बजट को लेकर जानकारी नहीं है। इसलिए लिए शहरी एवं स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय से जानकारी प्राप्त की जाएगी।