अनाज मंडी से धान की लोडिंग में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रोक लगाने एवं इनके चालान काटने से ठप हुई लोडिंग व्यवस्था के कारण खरीद कार्य ठप हो गया। उठान न होने के कारण मंडी में धान डालने की जगह नहीं बची। जिससे गुस्साई लेबर ने हड़ताल कर दी। जिससे धान की तुलाई व भराई का काम बंद हो गया। भाजपा नेता राव सुरेंद्र सिंह ने अधिकारियों के रवैये के बारे में सीएम को अवगत करवाने के आश्वासन के बाद मजदूरों ने हड़ताल खोली।
सोमवार रात्रि को अनाज मंडी में से लदान की हुई कई ट्रॉलियों के भारी भरकम चालान काटे गये थे और उनको कहा गया था कि लदान उनके द्वारा नहीं होगा। लदान केवल ट्रक करेंगे। इस पर मंगलवार को भी ट्रालियों के द्वारा मंडी से कोई लदान का कार्य नहीं हुआ और मंडी के अंदर पैर रखने तक की भी जगह नहीं रही। जिससे किसानों को मंडी व आसपास कोई स्थान न मिलने के कारण अपना धान वापस ले जाना पड़ा। व्यापारी प्रेम सिंह, मदन लाल ने बताया कि जिला प्रशासन के द्वारा यह कदम किसानों के धान की परवाह न करते हुये ट्रक चालकों को फायदा पहुंचाने के लिये उठाया गया। जब मंडी में पड़े हुये धान को तोलने के लिये व नये आये धान को उतारने के लिये जगह नहीं रही तो मजदूरों का सब्र का बांध टूट गया। बुधवार सुबह ही मजदूरों ने हड़ताल की घोषणा कर दी। मजदूर बलवंत प्रधान मजदूर यूनियन मंडी कैथल, राजकुमार, रोहताश, कृष्ण, अनमोल, राजा, रिसाला, सोरण, काला, शमशेर ने बताया कि उनको मंडी में भरी पड़ी हुई बोरियों की ढांग लगाकर किसानों की धान डलवानी पड़ती है। रात दिन कार्य करने के बाद उनको मात्र दो सौ रुपये ही मिल पाते हैं। अब तो मंडी में स्थान न होने के कारण धान उतारने के लिये जगह नहीं है।
वहीं ट्रैक्टर संचालकों का नेतृत्व कर रहे बीरभान ने कहा कि जब लकड़ी, तूड़ा सहित अन्य किसान उपज ढोने में ट्रैक्टर का इस्तेमाल हो सकता है तो मंडी से उठान रोक कर उनकी रोजी-रोटी पर लात मारी जा रही है। हड़ताल की सूचना मिलते ही भाजपा नेता राव सुरेंद्र सिंह अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे अधिकारियों के रवैये के बारे में सीएम को अवगत करवाएंगे। उनके आश्वासन पर मजदूरों ने हड़ताल खत्म कर दी।
वीरवार को बंद रहेगी मंडी
मंडी एसोसिएशन ने वीरवार को मंडी बंद कर मात्र उठान करने का फैसला लिया है। मंडी प्रधान सुरेश मितल ने बताया कि मंडी में पैर रखने की जगह न होने के कारण यह कदम उठाना पड़ा।