कैथल। गुहला क्षेत्र के गांव थेह बनेहड़ा निवासी (42) मजदूर मलुका ने शुक्रवार को रुपये के लेन-देन में शुक्रवार को जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसे पटियाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मलुका की पत्नी ने सरपंच पर आत्महत्या के लिए उकसाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मलुका की पत्नी की शिकायत पर सरपंच रामपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है । मलुका की पत्नी मीरा देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पति मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। करीब छह दिन पहले गांव के सरपंच रामपाल के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर उनका विवाद हुआ था। विवाद के दौरान उसके पति को चोटें भी लगी थीं। महिला के अनुसार सरपंच पर उसके पति के चार हजार रुपये बकाया थे।
इस संबंध में मलुका ने थाना चीका में शिकायत भी दी थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पंचायत स्तर पर विवाद सुलझाने का प्रयास किया गया। शुक्रवार को पंचायत से लौटने के बाद मलुका काफी तनाव में था। उसने परिवार को बताया कि सरपंच ने उसे जान से मारने की धमकी दी है। इसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। मीरा देवी के अनुसार घर से निकलते समय उसके पति ने कहा था कि अब वह आत्महत्या कर लेगा और इसके बाद वह घर से चला गया।
शुक्रवार शाम करीब चार बजे परिवार को सरकारी अस्पताल से फोन आया कि मलुका ने जहरीली दवा का सेवन कर लिया है। सूचना मिलते ही वे अस्पताल पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे निजी अस्पताल, पटियाला रेफर कर दिया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मीरा देवी ने बताया कि सरंपच के दो लड़के भी उसके पति को परेशान कर रहे थे। इन लोगों के दबाव के कारण उसका पति मानसिक रूप से परेशान था इसलिए उसे आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उसने तीनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में सरपंच से बात करनी चाही तो उसका मोबाइल बंद था।