संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। परीक्षा प्रणाली में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने बीए हिंदी तृतीय सेमेस्टर की 29 नवंबर को होने वाली परीक्षा के लिए पिछले साल का प्रश्नपत्र ही नए कोड के साथ भेज दिया, जबकि इस सत्र का सिलेबस पूरी तरह बदल चुका है। प्रश्नपत्र मिलते ही छात्रों ने आपत्ति जताई और अंततः परीक्षा को बीच में ही रद्द करना पड़ा।
डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज जगदीशपुरा, कैथल में 90 तथा आरकेएसडी कॉलेज कैथल में 542 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे थे लेकिन प्रश्नपत्र के गलत पाए जाने पर सभी को बिना परीक्षा दिए वापस लौटना पड़ा। इस घटना ने न केवल छात्रों की वर्षभर की मेहनत पर पानी फेर दिया, बल्कि विश्वविद्यालय की परीक्षा-प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कई विद्यार्थियों ने इसे नकल कराने की आशंका से जोड़ते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार एक ही प्रश्नपत्र को दोबारा मुद्रित करना वर्जित है।
परीक्षा केंद्रों पर रही अफरा–तफरी ः कई परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों ने हाथ उठाकर कक्ष निरीक्षकों को बताया कि प्रश्नपत्र बदले हुए पाठ्यक्रम से मेल नहीं खाता। निरीक्षकों द्वारा जांचने पर पाया गया कि प्रश्नपत्र में ऐसे गद्य–पद्य और अध्याय शामिल थे, जिन्हें नए सिलेबस से हटा दिया गया था।
केंद्र प्रशासन ने तुरंत परीक्षा नियंत्रक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन स्पष्ट निर्देश देर से मिले। करीब 20–25 मिनट तक छात्रों और अधिकारियों में भारी भ्रम की स्थिति रही। कुछ केंद्रों पर छात्रों ने विरोध भी जताया। छात्राओं ने कहा कि पूरे वर्ष उन्होंने नए सिलेबस के आधार पर तैयारी की थी, ऐसे में पुराने पाठ्यक्रम का पेपर हल करना संभव ही नहीं था।
करीब आधे घंटे बाद स्पष्ट आदेश आया कि प्रश्नपत्र गलत भेजा गया है और परीक्षा तत्काल रद्द की जाती है। इसके बाद परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मच गया और छात्रों को बिना परीक्षा दिए ही घर भेज दिया गया। बाहर छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कई छात्र भावुक होकर रोते हुए नजर आए।
वंदना शर्मा, बीए तृतीय समेस्टर की छात्रा, जो डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज में परीक्षा देने आई थीं, ने कहा कि वह वर्षभर तैयारी में लगी रहीं, लेकिन विश्वविद्यालय की लापरवाही ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। अब उन्हें यह परीक्षा दोबारा देनी पड़ेगी।
आरकेएसडी कॉलेज में परीक्षा देने आए एक छात्र ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि विश्वविद्यालय की ऐसी लापरवाही पूरी शिक्षा-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। वे 50 किलोमीटर दूर से परीक्षा देने आए थे और केंद्र पर पहुंचकर केवल निराशा ही हाथ लगी।
उधर, कुरुक्षेत्र में परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सोमवार को परीक्षा की नई तिथि जारी कर दी जाएगी।
जैसे ही प्रश्नपत्र छात्रों को दिया गया, उन्होंने कहा कि यह सिलेबस से बाहर है। विश्वविद्यालय से संपर्क करने पर पता चला कि गलती से पुराना प्रश्नपत्र भेज दिया गया है, जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। -विकास यादव, निरीक्षक, डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज,