संवाद न्यूज एजेसीं
कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विद्यार्थियों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें ज्योतिष विभाग के कुलदीप को पहला स्थान मिला। प्रतियोगिता में दर्शन विभाग की निशा द्वितीय और योग विभाग के आकाश तृतीय रहे।
इससे पूर्व विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के सभागार में संविधान विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से तीन-तीन विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिसमें कुल 24 विद्यार्थियों ने अपने विचारों और ज्ञान से श्रोताओं को प्रभावित किया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन के विभिन्न पहलुओं, उनके संघर्षों और भारतीय संविधान के निर्माण में उनकी दूरदर्शिता पर प्रभावशाली ढंग से अपने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता के परिणामों के अनुसार, निशा, सुमित, सोनिया, राकेश और उपासना को सांत्वना पुरस्कार मिला।
गौरतलब है कि इस कार्यक्रम का आयोजन भारत और हरियाणा सरकार की ओर से संयुक्त रूप से चलाए जा रहें संविधान के 75 वर्ष अभियान के तत्वावधान में किया गया था। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय संविधान के महत्व और इसके निर्माण में डॉ. आंबेडकर के अमूल्य योगदान से अवगत कराना है। प्रतियोगिता का सफल संयोजन विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी डॉ. कृष्ण चंद्र पांडेय की ओर से किया गया था।
ज्योतिष विभाग के अध्यक्ष डॉ. नरेश शर्मा, दर्शन विभाग प्रभारी डॉ.विनय गोपाल त्रिपाठी एवं धर्मशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सत्येन्द्र गौतम ने निर्णायक मंडल के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निर्णायक मंडल के सदस्यों ने विद्यार्थियों के ज्ञान, आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिता विद्यार्थियों को न केवल अपने विचारों को व्यक्त करने का मंच प्रदान करती हैं,बल्कि उन्हें अपने देश के महान विभूतियों और संविधान के महत्व को गहराई समझने के लिए भी प्रेरित करती हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डॉ शर्मिला, डॉ चंद्रकांत, डॉ गोविंद वल्लभ, डॉ. कुलदीप सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहें।