गुहला-चीका। प्रबंधन विभाग हरियाणा और हरियाणा प्रशासनिक संस्थान गुड़गांव के संयुक्त तत्वाधान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, गुहला के परिसर में आपदाओं से निपटने के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भूकंप की घोषणा होने के साथ ही पूरे स्कूल में हड़कंप मच गया। बच्चे आनन फानन में स्कूल बैग, मेजें और कुर्सियां तक अपने सिर पर रखकर बचाव के लिए खाली मैदान की तरफ भागते दिखाई दिए। इस दौरान प्रिंसिपल द्वारा दी गई सूचना के बाद एबुंलेंस, फायर बिग्रेड के सायरन से स्कूल परिसर गूंज उठा। इस मॉकड्रिल में बच्चों, अध्यापकों और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की बचाव के लिए की जा रही कोशिशें वास्तव में इसे पूरी तरह से वास्तविक बना रही थी। मकसद केवल विद्यार्थियों को भूकंप, बाढ़, तूफान आने की स्थिति में बचाव के गुर सिखाना था।
स्कूल में एक तरफ भूकंप की स्थिति थी तो दूसरी तरफ फायर बिग्रेड से बिल्डिंग में लगी आग को बुझाने के लिए उस पर पानी छोड़ा जा रहा था। इस मोक ड्रील को असलियत का जामा पहनाने के लिए वहां जमी दिखाए गए बच्चों को स्ट्रैचर पर डालकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल की तरफ रवाना होते दिखाया जाना भी पूरे नाटयक्रम को वास्तविक बना रहा था। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम सिंह पुनिया, स्कूल के प्रिंसिपल संजय कुमार तथा अरविंद खुरानिया एडवोकेट मौजूद रहे।
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पुलिस विभाग को तीन सौ मीटर दूर पहुंचने में लगा आधा घंटा
गुहला स्कूल में करवाए जा रहे मोक ड्रिल कार्यक्रम की सूचना जैसे ही आपदा प्रबंध के तहत प्रशासन को दी गई तो सूचना के कुछ मिंट बाद ही एंबुलेंस स्कूल में पहुंची और घायल दिखाए जा रहे बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। उसके कुछ देर बाद ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी आ पहुंची और कर्मचारी आते ही अपने काम में जुट गए लेकिन स्कूल परिसर से मात्र 300 गज दूर पुलिस थाना होने के बावजूद गुहला पुलिस को स्कूल तक पहुंचने में आधे घंटे से ज्यादा का समय लग गया। इस सारे कार्यक्रम में जहां सभी विभागों ने तत्परता दिखाई वहीं पुलिस एक बार फिर से फिसड्डी नजर आई और इसकी चर्चा स्कूल में हर कोई करता नजर आया।