संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जाट धर्मशाला में प्रांतीय प्रधान भरत सिंह बेनीवाल की अध्यक्षता में बेनीवाल खाप की बैठक हुई। इसमें किसानों आंदोलन पर चर्चा की गई। बैठक में खाप के नेताओं ने कहा कि यदि भाजपा की केंद्र सरकार ने किसानों की मांगों को शीघ्र नहीं माना और उनके साथ सम्मानजनक समझौता नहीं किया तो देश के अंदर स्थिति खराब हो सकती है।
नाराजगी जताते हुए कहा गया कि किसानों को अपनी मांगों के लिए दिल्ली जाने से प्रदेश सरकार की ओर से रोकना एक अलोकतांत्रिक करवाई है, जो किसानों के मौलिक अधिकारों का हनन है। यदि भाजपा सरकार ने लाठी व गोली ने किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश की तो बेनीवाल खाप किसानों के आंदोलन में गत वर्षों 2020 से 2021 तक चले आंदोलन की तरह अग्रणी रूप से भाग लेकर भाजपा सरकार को उसका मुंहतोड़ जवाब देगी।
बैठक के निर्णय की जानकारी दे प्रांतीय महासचिव अनिल बेनीवाल व वित्त सचिव सुल्तान बेनीवाल ने बताया कि आज समाज में फैल रही नशाखोरी, भ्रूणहत्या लीव एंड रिलेशनशिप विवाह शादियों में फिजूल खर्ची और दान दहेज जैसी दानव बीमारियों को रोकने के लिए खाप समाज में जागृति लाएगी। बताया गया कि बैठक में प्रस्तावित चबूतरे और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन पर भी गहनता से विचार किया गया।
बैठक में खाप की कार्यकारिणी का विस्तार किया गया, जिसमें बेनीवाल खाप के पूर्व प्रधान प्रोफेसर जिले सिंह को मुख्य संरक्षक और पूर्व प्रधान सुरजीत बेनीवाल को संरक्षक नियुक्त किया और नरेश चंद्र एडवोकेट को प्रदेश प्रेस प्रवक्ता व सतीश बेनीवाल फतेहाबाद को सह प्रेस प्रवक्ता नियुक्त किया गया।
बैठक को मुख्य रूप से डॉक्टर दलबीर सिंह बेनीवाल, राजगढ़ धोबी, रोहतास बेनीवाल, शेखपुरा सोनीपत, डॉ. रामेश्वर आर्य, गुरदेव सिंह बेनीवाल, खुराना, राकेश बेनीवाल, कृष्ण बेनीवाल आदि मौजूद रहे।