कैथल। गुहला क्षेत्र में अजीमगढ़ चौकी पर ग्रेनेड फेंकने के मामले में पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी, पटियाला के नन्हेड़ा गांव निवासी गुरप्रीत और गुर दयालपुरा के रहने वाले हरमनप्रीत ने खुलासा किया है कि अमेरिका में बैठा करण ने दोनों के खातों में 30-30 हजार रुपये भी डलवाए थे, ताकि वे इससे अपने खर्चे पूरे कर सकें।
करण ने कहा था कि उनको भी विदेश भेज देंगे और इसके लिए जो भी खर्चा आएगा, वह दे देंगे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि करण ने ही गुरप्रीत और हरमनप्रीत को ग्रेनेड अटैक के लिए राजी किया था और वह अन्य युवाओं को ग्रुप से जोड़ने के प्रयास में था। हालांकि हमले की पूरी जिम्मेदारी बब्बर खालसा इंटरनेशनल आतंकी संगठन ने ली है। हालांकि बताया जा रहा है कि हमला करवाने का मास्टरमाइंड करण ही हैं। जानकारी के अनुसार छह अप्रैल को पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित कैथल जिले की अजीमगढ़ पुलिस चौकी पर सुबह के समय ग्रेनेड मिला था। तभी आसपास के गांव में अफरा तफरी मच गई थी।
ग्रेनेड फेंकने की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने ली थी। आतंकियों की पोस्ट के बाद हरियाणा और पंजाब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। हैप्पी पासियां, गोपी नवांश और मन्नू आगवान के खिलाफ गुहला थाने में मामला दर्ज किया गया था।
उसी मामले में गुरप्रीत व हरमनप्रीत को गिरफ्तार कर अब जेल भेजा गया है। डीएसपी गुहला कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि मामले में आरोपी गुरप्रीत व हरमनप्रीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। संवाद