कैथल। महाशिवरात्रि पर सुबह चार बजे मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके बाद भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से भगवान शिव का पूजन-अर्चन कर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित किए तथा परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की।
शहर के प्रमुख मंदिरों 11 रुद्री मंदिर, नीलकंठ मंदिर, अंबकेश्वर मंदिर और हनुमान वाटिका में सैकड़ों श्रद्धालु भगवान भोले शंकर की पूजा के लिए पहुंचे। महाशिवरात्रि पर मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। विशेष रूप से 11 रुद्री मंदिर में सुबह से ही रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्रों का जाप किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके अलावा यहां पर चार प्रहर की पूजा भी की गई। भक्त भगवान शिव को जल चढ़ाकर अपनी मनोकामनाएं मांगते नजर आए। कई श्रद्धालु नंदी बाबा की प्रतिमा के कान में अपनी इच्छाएं बोलते दिखे। मंदिर के मुख्य पुजारी मुनिंद्र शर्मा ने बताया कि मान्यता है कि नंदी के माध्यम से उनकी प्रार्थना सीधे भोलेनाथ तक पहुंचती है। मंदिरों के बाहर अस्थाई दुकानों पर भी काफी रौनक देखने को मिली। श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा, फूल-माला और अन्य पूजा सामग्री खरीदते नजर आए। दुकानदारों के अनुसार इस दिन बिक्री में काफी बढ़ोतरी होती है। बच्चों और युवाओं में भी उत्साह देखने को मिला। इस मौके पर चंदाना गेट रोड पर मेले का आयोजन भी किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद दिखा। प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी। महाशिवरात्रि पर मिठाई की दुकानों में भी गाजर पाक व कुट्टू के आटे से बनी मिठाई के अलावा अन्य व्यवस्था भी की गई थी। संवाद
सामाजिक संगठनों ने किया भंडारों का आयोजन
महिलाएं और युवक-युवतियां व्रत रखकर पूरे विधि-विधान से पूजा करते दिखाई दिए। मंदिर प्रांगण में भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जहां डीजे की धुन पर शिव भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। शहर में जगह-जगह धार्मिक झांकियां भी निकाली गईं। शिव-पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। हालांकि इस कारण सड़कों पर जाम की स्थिति भी देखी गई। कई सामाजिक संगठनों की ओर से भंडारों का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में हलवा, पूड़ी, कढ़ी-चावल और फल वितरित किए गए। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।
11 रुद्री मंदिर के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते श्रद्धालु।
11 रुद्री मंदिर के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते श्रद्धालु।
11 रुद्री मंदिर के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते श्रद्धालु।