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कलायत रेलवे स्टेशन का हुआ कायाकल्प

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असुविधाओं के कारण अकसर वीरान रहने वाले कलायत रेलवे स्टेशन पर शनिवार को उत्सव का माहौल था। अधिकारियों, कर्मचारियों, यात्रियों और आम नागरिकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। मौका था कि 131 वर्ष बाद करोड़ों रुपये के बजट से रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप जो मिला है। अब जर्जर भवन की बजाए नव निर्मित और सुधारीकरण से लैस भवन के माध्यम से लोगों को सेवाएं मिलेंगी। लोकार्पण की रस्म का निर्वहन रेलवे परिचालक प्रबंधक रामबीर सिंह ने एरिया आफिसर गुरमीत सिंह, कलायत स्टेशन अधीक्षक एनके शर्मा और रेलवे कंपनी अधिकारियों की मौजूदगी में नारियल तोडक़र किया। रेलवे मंत्रालय की सुधारीकरण योजना के तहत कलायत के साथ-साथ कैथल और पिहोवा में निर्मित नए भवन का भी विधिवत उद्घाटन किया जा चुका है। कलायत के माडर्न रेलवे स्टेशन पर पहले मेनुअल रूप से सिग्नल होते रहे हैं। अब क्लिकसे ट्रेन का संचालन होगा। एलसीडी के जरिए स्टेशन मास्टर व दूसरे कर्मी संपूर्ण परिसर से निरंतर जुड़ें रहेंगे। कंप्यूटराइजड और वातानुकूलित सुविधाओं से लैस रहेगा, कलायत स्टेशन सिग्नल की बेहद पुरानी पद्धति के अनुसार रेलवे कर्मी ट्रैक पर आने वाली गाड़ियों को सिगनल देते थे। इसमें बड़े सुधार करते हुए सिग्नल की कार्रवाई कंप्यूटरीकृत की गई है। इस तरह रेलवे सेवाओं को हाईटेक रूप देते हुए रेलवे मंत्रालय ने कलायत रेलवे स्टेशन को अभूतपूर्व सौगातें देने का दावा किया है। स्टेशन मास्टर एनके शर्मा ने बताया कि रेलवे विभाग यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। शनिवार को सुधार के कार्य पूर्ण कर स्टेशन को जनता को समर्पित किया गया है। रेलवे स्टेशन कंप्यूटराइजड और वातानुकूलित सुविधाओं से सु-सज्जित रहेगा।
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