गुहला चीका। सिनेमा रोड़ स्थित वाल्मीकि मंदिर में ऊंची भगवान महर्षि वाल्मीकि की अष्टधातु से बनी मूर्ति की स्थापना की गई। मूर्ति स्थापना से पूर्व शहर भर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा को मंदिर परिसर से नपा चेयरपर्सन रेखा रानी ने झंडी दिखाकर रवाना किया। कलश यात्रा में 108 मातृ शक्ति ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। पंडित विद्यासागर की ओर से सभी कलश मंत्रोच्चारण के साथ स्थापित करवाए गए। इस अवसर पर महिलाओं ने भगवान महर्षि वाल्मीकि मंदिर में प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया।
चेयरपर्सन रेखा रानी ने कहा कि भगवान वाल्मीकि का स्थान सबसे ऊंचा है क्योंकि उन्होंने हिंदू धर्म के सर्वोच्च ग्रंथ रामायण की रचना कर भगवान राम को पूरी दुनिया से परिचित करवाने में अभूतपूर्व संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है किंतु आज भी इस वर्ग को सामाजिक उत्थान की आवश्यकता है जिसके लिए सरकारों को गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता वाल्मीकि सभा के प्रधान राकेश वाल्मीकि ने की तथा संचालन ईश्वर उर्फ रिंपी ने की। इससे पहले मंदिर परिसर में रामायण का पाठ किया गया जिसका शुभारंभ समाजसेवी रूलदू जिंदल बलबेहड़ा वाले ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में भाजपा नेता राजेश पिंटू, मिंक सिंगला, अधिवक्ता वेदराज गागट, रतिराम सीड़ा, पार्षद सुभाष वाल्मीकि, मकली राम व कैलाश वाल्मीकि मौजूद रहे।