कैथल। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान में कैथल जिला प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में बना हुआ है। जिले में 28 फरवरी से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक 5104 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। विभाग ने जिले में 8692 किशोरियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में अभी 3588 किशोरियां लक्ष्य से दूर हैं। अभियान की अंतिम तिथि पहले बढ़ाई जा चुकी है और अब 30 सितंबर तक लक्ष्य पूरा करना है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक 991 टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। इन सत्रों के माध्यम से 5104 किशोरियों का टीकाकरण हुआ है। विभाग का दावा है कि अभियान को गति देने के लिए लगातार स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम और टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया की अफवाहों से शुरुआत में आई थी दिक्कत
अभियान की शुरुआत में एचपीवी वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक पोस्ट और वीडियो प्रसारित हुए थे। इसके कारण अभिभावकों और किशोरियों में वैक्सीन को लेकर झिझक देखने को मिली। इसका असर टीकाकरण की रफ्तार पर भी पड़ा। बाद में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रणनीति बदली। सिविल सर्जन और टीकाकरण अधिकारियों ने स्वयं स्कूलों में पहुंचकर शिक्षकों, अभिभावकों और किशोरियों से सीधा संवाद शुरू किया। अधिकारियों ने वैक्सीन के फायदे और सुरक्षा को लेकर जानकारी दी। इससे लोगों में भरोसा बढ़ा और टीकाकरण की गति में सुधार आया। अब स्वास्थ्य विभाग स्कूलों में कैंप लगाने के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित कर रहा है।
एचपीवी टीकाकरण की ब्लॉक वाइज स्थिति
ब्लॉक वैक्सीन लगी
कैथल
790
कलायत
749
ढांड
744
पूंडरी
792
गुहला
623
राजौंद
725
सीवन
681
क्यों दी जाती है एचपीवी वैक्सीन...
एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस एक ऐसा वायरस है, जिसके कुछ प्रकार आगे चलकर कैंसर का कारण बन सकते हैं। एचपीवी संक्रमण से होने वाले कैंसर में सर्वाइकल कैंसर सबसे प्रमुख है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एचपीवी टीकाकरण किशोरियों में भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने का प्रभावी उपाय है।
लक्ष्य पूरा करने के लिए और तेज करनी होगी रफ्तार...
सिविल सर्जन डॉ. रेणु चावला ने कहा कि शुरुआत में कुछ दिक्कतें आई थीं लेकिन अब लोगों में जागरूकता बढ़ी है। विभाग ने भी रणनीति बदलते हुए किशोरियों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधा संवाद किया है। इससे वैक्सीन को लेकर भरोसा बढ़ा है। प्रदेश में कैथल की स्थिति काफी अच्छी है और उम्मीद है कि निर्धारित समय तक लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में किशोरियों से सीधा संवाद करते हुए सिविल सर्जन। स्वयं