संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय रत्नावली महोत्सव में कैथल की टीमों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए कई श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल किए। दूसरे दिन घोषित परिणामों में आरकेएसडी (पीजी) कॉलेज कैथल और एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी कैथल की उपलब्धियां विशेष रहीं।
आरकेएसडी कॉलेज ने फोक कॉस्ट्यूम (पुरुष) और हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं हरियाणवी गजल और हरियाणवी शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिताओं में कॉलेज ने तीसरा और दूसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा हरियाणवी स्किट प्रतियोगिता में आरकेएसडी कॉलेज ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी नाट्य प्रतिभा का भी परिचय दिया।
एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी कैथल ने एकल नृत्य (महिला) प्रतियोगिता में दूसरा स्थान और फैशन शो में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी श्रेणी में आरकेएसडी कॉलेज को दूसरा पुरस्कार मिला।षइसके अतिरिक्त ओल्ड एंटिक हरियाणवी कलेक्शन एक्जिबिशन में आरकेएसडी कॉलेज कैथल ने प्रथम स्थान हासिल कर हरियाणा की विरासत को सहेजने की अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। डीवाईसीए निदेशक प्रो. विवेक चावला ने बताया कि रत्नावली महोत्सव हरियाणवी संस्कृति, लोक-गीत, नृत्य, पोशाक, संगीत और अभिनय को प्रोत्साहन देने का मंच है, जहां राज्यभर के कॉलेजों ने भागीदारी की।
समूह नृत्य रसिया की प्रस्तुति से बांधा समा
कुरुक्षेत्र। रत्नावली महोत्सव के तीसरे दिन आयोजित समूह नृत्य रसिया की प्रस्तुति ने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। ऑडिटोरियम में रसिया की प्रस्तुति शुरू होते ही माहौल उत्साह और उमंग से भर गया। दर्शकों ने खड़े होकर कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों का आनंद लिया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की टीम ने मैं उड़ जाऊं बणकै पतंग, के रसिया होरी मैं...पर दमदार नृत्य प्रस्तुत किया। इस पर सभी दर्शक झूमते नजर आए।
टीम ने लोकनृत्य होली और नागिन डांस को ठेठ हरियाणवी ताल पर पिरोते हुए सबका मन मोह लिया। प्रतियोगिता में एनआईएलएम यूनिवर्सिटी कैथल, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी पलवल, आरकेएसडी पीजी कॉलेज कैथल और एसडी पीजी कॉलेज की टीमों ने भाग लिया। प्रत्येक टीम ने अपने अनूठे लोकनृत्यों और रसिया थीम पर आधारित नाटकीय प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी पलवल की टीम ने अंखियों में सुरमा लारे, चुनर में चढ़े सितार गीत पर अपनी रसिया शैली में ऐसी प्रस्तुति दी कि दर्शक तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। आरकेएसडी कॉलेज की टीम ने पीले और नारंगी वस्त्रों में पारंपरिक लोक शैली में देवर-भाभी के रिश्ते को मंच पर पेश किया। उनकी प्रस्तुति आज ब्रिज में, होगी रे रसिया गीत पर उत्साह और जोश से भरपूर रही। एसडी पीजी कॉलेज के कलाकारों ने जोशीले नृत्य से ऐसा समा बांधा। संवाद