गांव गोहरां का राजकीय उच्च स्कूल निजी स्कूलों को मात दे रहा है। यह स्कूल नाम से तो सरकारी है। लेकिन यहां बच्चे प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्दी से लेकर कक्षा में पढ़ाने के तौर-तरीकों में निजी स्कूल भी कहीं ना कहीं पीछे रह जाएं। यही कारण है यह स्कूल स्वच्छता सहित कई मामलों में जिले में अव्वल आ चुका है।
अत्याधुनिक कम्प्यूटर लैब व साइंस लैब में दी जाती शिक्षा
स्कूल में जिस प्रकार से स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है। ठीक उसी प्रकार से स्कूल की साइंस व कम्प्यूटर लैब पर का भी खास ख्याल रखा गया है। जिसमें बच्चों को हर प्रकार के विज्ञान और कम्प्यूटर के बारे में बताया जाता है। सभी कक्षाओं के बाहर एक सूचना पट्ट लगाया गया है। जिसमें प्रतिदिन उपस्थित विद्यार्थियों का ब्यौरा लिखा जाता है। इसके लिए स्कूल में जरनेटर का विशेष प्रबंध किया गया है। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल में अग्रिशमन यंत्रों को रखा गया है। 20 कम्प्यूटर काम कर रहे हैं। एक भी बच्चा नीचे नहीं बैठता, सभी कक्षाओं में ब्रेंच हैं।
नामी कंपनियों की लस्सी व दूध का होता है प्रयोग
मुख्यअध्यापक जय भगवान शर्मा ने कहा स्कूल के वातावरण को स्वच्छ रखने के प्रयासों से मिड मिल के लिए स्थित रसोई को बिल्कुल धुआं रहित रखा गया है। रसोई में न तो उपलों का प्रयोग किया जाता है और न ही लकड़ी जलाई जाती है। इसके लिए पूर्ण रूप से ईधन का प्रयोग किया जाता है। बच्चों के लिए बनाए जाने वाले मिड डे मिल में उच्च कोटि के कंपनी के दूध व दही पैकेट का प्रयोग किया जाता है। जिससे विद्यार्थी का स्वास्थ्य ठीक रहे।
निजी स्कूलों की तर्ज पर दी गई है वर्दी
स्कूल के मुख्यध्यापक ने बताया स्कूल में निजी स्कूल की तर्ज पर विद्यार्थियों को दो वर्दियां दी गई है। इसमें बुधवार व शुक्रवार को विद्यार्थी सफेद वर्दी पहन कर आते है।
हर विद्यार्थियों को दी जाती है स्वच्छता की ट्रेनिंग
स्कूल प्रशासन द्वारा बच्चों को स्वच्छता के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। जिसमें शौचालय प्रवेश, स्कूल प्रांगण को साफ सुथरा रखने जैसी अन्य कार्य शामिल है। इस ट्रेनिंग के तहत प्रतिदिन एक कक्षा के पांच से दस विद्यार्थियों को ट्रेनिंग दी जाती है।
होटल की तर्ज पर शौचालयों की व्यवस्था
स्कूल में खास बात यह है बच्चों के लिए बने शौचालय भी बिल्कुल होटल की तर्ज पर साफ-सुथरे हैं। उसमें तौलिये से लेकर साबुन तक की व्यवस्था है। साथ ही हाथ धोने के लिए डिस्पेंशर भी लगया गया है। जिसमें बच्चों को इससे हाथ धोने की शिक्षा दी जाती है।
शहरों के स्कूलों की तर्ज पर लगाए गए खुशुबदार पौधे
स्कूल प्रशासन द्वारा स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिसके तहत शहरों के स्कूलों की तर्ज पर स्कूल में खुश्बूदार पौधे लगाए गए है। जिसमें करीब दस प्रकार के पौधे शामिल है। स्कूल के मुख्यध्यापक जय भगवान शर्मा ने बताया कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूल में पाईकस, एरोकेरिया, इंग्लिश गुलाब, हार सिंगार, कारवां पाम, रबड़ प्लांट सहित अन्य खुशुबदार पौधे शामिल है।
मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण योजना के तहत पिछले दो सालों में प्रथम
स्कूल में अध्यापक बुटा सिंह ने बताया विभिन्न जिलों में स्वच्छता अभियान के तहत चलाई जा रही मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण योजना के तहत उनका स्कूल पिछले दो सालों से जिला में प्रथम स्थान हासिल कर रहा है। जिसके तहत स्कूल को जिला उपायुक्त द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।
ग्राम पंचायत भी कर रही सहयोग
गांव गोहरां के सरपंच रेखा रानी ने बताया स्कूल प्रशासन द्वारा गांव के बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों को देखते हुए पंचायत की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा स्कूल के मैदान में ब्लाक व पानी का आर ओ लगवाया गया है। स्कूल प्रशासन द्वारा स्वच्छता को लेकर किए गए कार्य काफी सराहनीय हैं।
नर्सरी से दसवीं तक 384 बच्चे
सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या जहां परेशानी का सबब बनी हुई है। वहीं इस स्कूल में इस समय 384 बच्चे हैं। जिन्हें पढ़ाने के लिए 15 अध्यापक हैं। जो लग्र से काम कर रहे हैं।