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कोर बैंकिंग सिस्टम से जुड़ेगा कैथल का डाकखाना

Sat, 24 May 2014 12:01 AM IST
कैथल
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कैथल। लघु एवं बड़ी बचत में अहम भूमिका निभा रहे जिला डाकखाना को अब कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) से जोड़ा जाएगा। जिससे डाकखाने से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े करीब डेढ़ लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
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सीबीएस लागू होने के बाद डाकखाने में जमा राशि को किसी भी दूसरे शहर में से भी निकाला जा सकेगा। इसके लिए डाकखाने में एटीएम भी लगाए जाएंगे।

ये फायदे होंगे
1. समय की बचत होगी।
2.लंबी-लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा।
3. एटीएम सुविधा शुरू होने से डाकखाना में जाने और औपचारिकताओं से छुटकारा।  
4. बैंकों के एटीएम से जुड़ते ही सुविधा का दायरा बढे़गा।

पैसा निकलाने में लोगों को होती है परेशानी
कैथल में बड़े डाकखाने में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करीब के लाख 50 हजार से ज्यादा लोगों जुड़े हुए हैं। जो अलग-अलग योजनाओं में अपने धन की बचत कर रहे हैं। इसमें छोटी बचतें भी शामिल हैं। जिससे आम आदमी भी अपनी पूंजी में से बचत करते हुए डाकखाने में सेविंग खाते खुलवाए हुए हैं। इस समय डाकखाने में से पैसा निकलवाने में काफी परेशानी आती है। लोगों को स्वयं डाकखाने में जाकर जमा राशि निकलवानी पड़ती है। जिससे उनका समय खराब होता है।


कई योजनाओं से जमा होता है पैसा
अल्प बचत एजेंट ओमप्रकाश सैन ने बताया कि डाकखाने में खुला खाता, आरडी योजना, मासिक आय जमा, टीडी (टोटल डिपोजिट), राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र, सीनियर सिटीजन के लिए बचत सेवा योजना सहित कई प्रकार की बचत योजनाएं चलाई जा रही हैं। ओमप्रकाश सैन ने बताया कि यदि कोर बैंकिंग सिस्टम लागू होता है तो लोगों के काफी समय की बचत होगी। क्योंकि अब डाकखाने से पैसे निकलवाने के लिए लाइनों में लगना पड़ता है। एटीएम लगने से सभी प्रकार के झंझट समाप्त हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि शुरू में केवल डाकखाने का अपना नेटवर्क होगा। इसके बाद धीरे-धीरे इसे सभी बैंकों के एटीएम से जोड़ दिया जाएगा।
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प्रक्रिया चल रही है : अधिकारी
जिला पोस्ट मिस्ट्रेस कौर ने बताया कि सभी डाकखानों को कोर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। कैथल का डाकखाना भी इससे जुड़ेगा। करनाल एवं कुरुक्षेत्र में यह प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही जिलावासियों को भी सीबीएस की सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि इसके तहत डाकखाने में एटीएम तक की सुविधा मिलेगी। जिससे विभिन्न योजनाओं में जमा राशि को जरूरत अनुसार निकलवाया जा सकेगा।

कुल डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को लाभ
बड़े डाकखाने में 60 हजार से ज्यादा आरडी योजना के तहत खाते खुले हुए हैं। वहीं 10 हजार से ज्यादा सेविंग अकाउंट हैं। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा लोग डाकखाने से जुड़े हुए हैं। सीबीएस लागू होने से इन सभी लोगाें को लेन-देन में सुविधा होगी और आमतौर पर होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।
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