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जॉर्डन में बॉक्सिंग प्रतियोगिता में क्योड़क की बेटी स्नेहा ने जीता कांस्य पदक

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कैथल। जॉर्डन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में क्योड़क की बेटी स्नेहा ने कांस्य पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। कोच राजेंद्र, गुरमीत और विक्रम ने बताया कि 27 फरवरी से यूथ एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप जॉर्डन में चल रही है। 15 मार्च को प्रतियोगिता का समापन होगा। स्नेहा ने प्रतियोगिता में 75 से 81 किलो भार वर्ग में हिस्सा लिया है। वहीं कैथल की दूसरी बेटी कीर्ति ढुल भी 81 प्लस आयु वर्ग में हिस्सा ले रही है। कीर्ति ढुल ने भी सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। दोनों खिलाड़ी 15 मार्च के बाद कैथल पहुंचेंगी। कोचों का कहना है कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। खेलों से युवा भविष्य बना सकते हैं। खेलों के द्वारा ही बच्चों का शारीरिक, मानसिक और भावात्मक विकास होता है। बेटियां भी खेलों में बेटों से कम नहीं हैं। हर प्रतियोगिता में मेडल जीतकर ला रही हैं।
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क्योड़क गांव निवासी 17 वर्षीय स्नेहा तीन साल से बॉक्सिंग में मेडल बरसा रही हैं। स्नेहा के पिता चरण सिंह ने बेटी को बॉक्सर बनाने की ठानी और उसे अभ्यास के लिए खेल सेंटर में भेजना शुरू किया था। स्नेहा को देखकर गांव के 20 युवा भी अब बॉक्सिंग सीखने लगे हैं। स्नेहा पहले भी 2019 में रोहतक में हुई जूनियर नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक, 2019 में गुरुग्राम में हुई राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, 2019 में हुई स्कूल स्टेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, 2020 में असम में हुए खेलो इंडिया में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
मूल रूप से हरसौला गांव की रहने वाली 16 वर्षीय कीर्ति ढुल अब नेहरू गार्डेन कालोनी में रहती हैं। कीर्ति के पिता नरेश ढुल सेना में कर्नल हैं और इस समय हिसार कैंट में कार्यरत हैं। चाचा विक्रम ढुल अंतरराष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर रहे हैं और उन्हें देखकर ही कीर्ति ने खेलना शुरू किया था। दुबई में 18 से 30 अगस्त तक हुई जूनियर और यूथ एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कीर्ति ने स्वर्ण पदक हासिल किया था।
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