रेलवे एवं कैथल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा जिले के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बार-बार की जा रही मांग की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। करीब एक साल से बनकर तैयार हो चुका कैथल रेलवे हॉल्ट शुरू नहीं हो पा रहा है।
कैथल रेलवे हॉल्ट के निकट ही करनाल रोड पर रेलवे फाटक को भी सिंगल से डबल बनाने का काम पूरा हो चुका है। बस देर है तो इन दोनों विकास परियोजनाओं के शुरू होने की। जिसे प्रशासन शुरू नहीं करवा पा रहा है।
एक साल से तैयार पड़ा है कैथल रेलवे हॉल्ट
लोगों की वर्षों की मांग पर लघु सचिवालय के निकट करनाल एवं अंबाला रोड बाईपास रेलवे फाटक के बीच में कैथल हॉल्ट बनकर तैयार पड़ा है। इसका भवन खंडहर में तब्दील होने लगा है। पहले यह नगर परिषद द्वारा बनाई जाने वाली करीब 100 मीटर रोड के कारण अटका रहा। नगर परिषद ने यह रोड भी बना दी। इसके बावजूद इसे शुरू नहीं करवाया जा सका है।
हर रोज होता है वक्त जाया
शहरवासी जोगेंद्र सिंह ढुल का कहना है कि जितना समय कुरुक्षेत्र से कैथल तक पहुंचने में लगता है। उतना ही समय आगे रेलवे स्टेशन से न्यायिक परिसर, लघु सचिवालय सहित यहां स्थित हुडा सेक्टरों एवं दर्जनों कालोनियों में पहुंचने में लगता है। कुरुक्षेत्र से कैथल तक किराया 15 रुपये है। जबकि रेलवे स्टेशन से लघु सचिवालय तक का किराया 10 से 20 रुपया देना पड़ता है।
हम भूख हड़ताल करेंगे
रेल यात्री कल्याण समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता का कहना है कि वे कैथल प्रशासन सहित रेलवे के अधिकारियों को दर्जनों पत्र लिखे जा चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पा रही। यदि अगले 20 दिनों में भी इस संबंध में कोई सुनवाई नहीं हुई तो हम धरना देंगे तथा भूख हड़ताल भी करेंगे। कैथल प्रशासन सहित रेलवे के अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। जरूरत पड़ी तो रेल रोकने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
जाम के कारण है ज्यादा दिक्कतें
अध्यापक वीरेंद्र कुमार ऊर्फ बिल्लू का कहना है कि रेलवे फाटक पर सुबह से लेकर शाम तक जितनी बार भी ट्रेनों का आवागमन होता है, यहां लंबा जाम लग जाता है। जिस कारण काफी परेशानी होती है। वे स्वयं कई बार इस जाम में फंस चुके हैं। जब इस फाटक को डबल किया जा चुका है तो इसे शुरू क्यों नहीं करवाया जाता?
रेलवे से नहीं मिल सहयोग
डीसी केएम पांडुरंग ने बताया कि इस संबंध में रेलवे को कई बार लिखा जा चुका है। लेकिन रेलवे के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। एक बार फिर संबंधित अधिकारियों को लिखकर यह समस्या रखी जाएगी। ताकि लोगों को परेशानी न हो।
जैसे ही आदेश आएंगे, गाड़ी रुकना शुरू हो जाएगी
इस संबंध में रेलवे स्टेशन मास्टर जेएस कुंडू का कहना है कि स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव शुरू करने का मामला उच्चाधिकारियों के अधिकार क्षेत्र का मामला है। यहां जैसे ही आदेश आएंगे, उसी समय गाडिय़ों का स्टॉपेज शुरू हो जाएगा। अभी इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं।