एक्साइज ड्यूटी के विरोध में हड़ताल पर चल रहे सराफों व स्वर्णकारों ने बुधवार को केंद्र सरकार व केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ बाजार से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय में जमकर नारेबाजी की। ज्ञापन लेने के लिए आए एडीसी, सीटीएम व नायब तहसीलदार को सराफों व स्वर्णकारों ने ज्ञापन नहीं दिया।
बाद में डीसी खुद ज्ञापन लेने के लिए आए। प्रदर्शन का नेतृत्व सर्राफा एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र गोयल सर्राफ व स्वर्णकार सभा के जिला प्रधान विनोद कुमार सोनी ने किया। सुबह सर्राफा बाजार में दुकानों के बीचोंबीच बैठकर सराफों व स्वर्णकारों ने सरकार को जमकर कोसा। इसके बाद सभी स्वर्णकार हाथों में सरकार विरोधी बैनर व पट्टियां लेकर प्रमुख बाजार से कमेटी चौक, पिहोवा चौक से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे।
पिहोवा चौक पर भी सराफों ने कुछ समय के लिए सरकार को कोसा। सचिवालय प्रांगण में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए राजेंद्र गोयल व विनोद कुमार सोनी ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार स्वर्णकारों पर जब्री थोपे गए काले कानून को वापिस नहीं लेगी उनकी हड़ताल व आंदोलन लगातार जारी रहेगा और दुकानें भी इसी प्रकार बंद रहेगी।
भाजपा सरकार ने अच्छे दिनों के सपने दिखाकर व्यापारियों के साथ धोखा किया है। व्यापारी वर्ग अपनी दुकानें बंद करने पर विवश हो गया है, लेकिन सरकार एक्साइज ड्यूटी के नाम पर थोपे गए तुगलकी फरमान को वापिस नहीं ले रही। राजेंद्र गोयल ने कहा कि डीसी को सौंपे ज्ञापन केंद्र सरकार द्वारा आम बजट 2016 में सराफों पर जो एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है।
वह काला कानून है और सभी सराफों पर कागजी कार्रवाई का दबाब पड़ेगा। जिसमें जेवरात बनाने वाले बहुत से कारीगर कम पढ़े लिखे हैं। जो कागजी कार्रवाई को पूरा नहीं कर सकते है। इससे इंस्पेक्टरी राज को बढ़ावा मिलेगा और बहुत से दुकानदार व कारीगर बेरोजगारी के कागार पर पहुंच जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान सभी सर्राफों व स्वर्णकारों को दिल्ली में 17 मार्च को एक्साइज ड्यूटी के विरोध में होने वाली ललकार रैली में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान भी किया। रोष जताने वालों में सुंदर लाल सर्राफ, राजेंद्र बंसल, जितेंद्र चौधरी, विजय बंसल, राजेश नरवारिया, राजेश सर्राफ, सत्यनारायण गोयल, प्रवीण मित्तल, अजय सर्राफ, राहुल मित्तल सर्राफ, तरसेम सर्राफ, राजन वर्मा, विनोद वर्मा, सतीश गुहणावाला, श्याम लाल, सुशील सर्राफ, स्वर्णकार सभा कैथल प्रधान राजेंद्र वर्मा, मन्नू वर्मा, अशोक भोला, सुमित वर्मा, देसराज वर्मा, नरेश वर्मा सहित सभी सर्राफ व स्वर्णकार मौजूद थे।
उधर, लगातार जारी इस हड़ताल के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग हर रोज बाजार में आभूषणों के लिए आते हैं, लेकिन दुकानें बंद होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।