भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने शुक्रवार सुबह से कैथल में दो दिवसीय प्रवास शुरू किया। जिसमें उन्होंने सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली और सरकार की परफार्मेंस की भी अप्रत्यक्ष तौर पर रिपोर्ट ली। कई कार्यकर्ताओं ने सुनवाई ना होने की भी बात कही। वहीं कई पदाधिकारियों ने संगठन व सरकार को लेकर अपनी राय रखी।
सुबह बराला पंचायत भवन पहुंचे। जहां उन्होंने सबसे पहले जनप्रतिनिधियों से बातचीत की। कई पार्षदों, ब्लॉक समिति सदस्यों व जिला परिषद सदस्यों ने अपनी बात रखी।
कई जनप्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखीं। कई पार्षदों ने वार्डों में ज्यादा से ज्यादा ग्रांट देकर काम करवाने की बात उठाई। वहीं कई प्रतिनिधियों ने कहा कि कोई उनकी सुनवाई नहीं करता। अधिकारी बात ही नहीं सुनते। उनके काम नहीं करते। जिस कारण उन्हें जनता में काफी दिक्कतें होती हैं।
इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। जहां वह करीब 80 कार्यकर्ताओं ने बंद कमरे में एक-एक करके मिले और पार्टी की स्थिति, सरकार की कार्यप्रणाली व कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया।
इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में मीडिया से बातचीत की। बाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भाजपा के वरिष्ठ नेता रविभूषण गर्ग के आवास पर पहुंचे। जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
यहां अमर उजाला से बातचीत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा भी सभी जिलों में प्रवास किया जा रहा है। उसी दिशा में उनके जिलों में प्रवास हो रहे हैं। वह रविवार तक 6 जिलों में प्रवास कर लेंगे। सरकार की अब तक की योजनाओं, उनके क्रियान्वयन, संगठन की स्थिति सहित सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद मुख्यमंत्री जी भी कैथल में आएंगे। दौरों के बाद जो भी जानकारी सामने आएगी, उसे मुख्यमंत्री जी के सामने रखा जाएगा और जन कल्याण की दिशा में ओर कैसे आगे बढ़ा जाए, इस बारे में कार्रवाई की जाएगी। दो दिन के प्रवास में कार्यकर्ताओं से सुझाव, जानकारी व अब तक का फीड़ बैक भी लिया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं की अधिकारियों द्वारा सुनवाई ना होने के प्रश्र पर उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी हों या फिर कुछ नेता, जो भाजपा की रीति-नीति को नहीं समझ सकें हैं, वह अच्छी तरह समझ जाएंगे। पारदर्शिता के साथ जनकल्याण ही पार्टी का मकसद है। यह भी सच्चाई है कि भाजपा कार्यकाल में सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों की 16 प्रतिशत हाजिरी बढ़ी है। पार्टी ने अपने घोषणा पत्र की अधिकतर बातों पर काम किया है। जो कुछ बची हैं, उन पर भी पूरे पांच साल में शत-प्रतिशत अमल किया जाएगा।