कैथल में पिछले वर्ष यूरिया को लेकर सरकार की किरकिरी के बाद शायद सरकार इस बार रिस्क नहीं लेना चाहती। इसलिए सरकार ने अभी से खाद को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। इसके लिए जिलास्तर पर जिला मॉनीटरिंग व सतर्कता कमेटी का गठन किया है। साथ ही ब्लॉक स्तर पर भी कमेटियों का गठन किया है।
शुक्रवार को जिलास्तरीय कमेटी में शामिल अधिकारियों ने शहर में छापामारी कर खाद के स्टॉक को जांचा।
जिलास्तरीय कमेटी में तहसीलदार ओपी बिश्नोई, उप कृषि निदेशक डॉ. रोहताश सिंह, दिनेश शर्मा क्यूसीआई, जितेंद्र कुमार एसडीओ, मनीष वत्स एपीपीओ कैथल व सुरेंद्र सिंह किसान जाजनपुर को शामिल किया गया।
टीम में शामिल अधिकारियों ने अनाज मंडी के पास स्थित दुकानों में जांच-पड़ताल की। यहां अग्रवाल फर्टिलाइजर्स, मित्तल सीड हाउस, दीपक ट्रेडिंग कंपनी में स्टॉक की जांच की।
डीडीए डॉ. रोहताश ने बताया कि जिले में इस बार यूरिया को लेकर कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। जिला एवं ब्लॉक स्तर पर सरकार के निर्देशानुसार कमेटी का गठन किया गया है जो खाद पर नजर रखेगी।
शुक्रवार को शहर में कई दुकानों का दौरा कर स्टॉक की जांच की गई। यहां जितना स्टॉक पाया गया है, उसका रिकार्ड चेक कर उसे नोट कर लिया है। उन्होंने बताया कि दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध करवाएं।
जिले में 14 लाख बैग की मांग
जिले में गेहूं के सीजन में यूरिया के 14 लाख बैग की मांग है। इस समय सरकारी और निजी संस्थानों के पास पूरे जिले में चार लाख बैग का स्टॉक है जो गेहूं की सिंचाई से पहले तक की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
पिछले साल थानों में बंटी थी खाद
पिछले वर्ष खाद की किल्लत से सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। खाद की इतनी शार्टेज थी कि जो भी खाद की गाड़ी आती थी, उसे बांटने के लिए पुलिस थाने में गाड़ी को ले जाना पड़ता था। जिस कारण किसानों में रोष था।