एमटीपी किट पकड़ने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अमरगढ़ गामड़ी में स्थित एक दुकान से छापा मार कर दस हजार नशे की गोलियां, नशे के इंजेक्शन सहित 25 एमटीपी किट का जखीरा बरामद किया है। एमटीपी किट पकड़ने के मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में विभागीय टीम ने तीन एजेंटों के माध्यम से मुख्य सरगना तक पकड़ बनाई और उसे काबू कर लिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मुख्य सरगना सहित तीन को हिरासत में ले लिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि गांव कांगथली में एक व्यक्ति एमटीपी किट बेचता है। इसके लिए फर्जी ग्राहक तैयार किया गया। साथ ही विभाग की टीम का गठन किया गया। टीम में डिप्टी सिविल सर्जन डा. नीलम कक्कड़, ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सुनील दहिया. एसएमओ पूंडरी डा. नवराज, राजेश कुमार शामिल रहे। टीम ने सुबह करीब ग्यारह बजे गांव कांगथली जाकर संबंधित फर्जी ग्राहक के माध्यम से फर्जी किट बेचने वाले व्यक्ति से संपर्क किया। वहां से किट नहीं मिली। लेकिन वहां कश्मीर सिंह नामक व्यक्ति ने बताया कि ये दवाएं कैथल में धीरज कुमार निवासी अशोका कालोनी दिलवा सकता है। जिस पर धीरज कुमार को फोन किया। फोन पर उसने किट देने की बात स्वीकार कर ली। जिस पर टीम ने कैथल पहुंच कर कोयल काम्पलेक्स के सामने फर्जी ग्राहक को उसके पास भेजा और उसके पास से 5 एमटीपी किट 2000 रुपये में खरीद ली। ईशारा मिलते ही पुलिस सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धीरज को धर दबोचा। उसने पूछताछ में बताया कि वह ये किटें कैथल के ही चिरंजीव कालोनी निवासी राजेंद्र से लेकर आया है। जिस पर टीम ने राजेंद्र को उसके पुराने बस अड्डे के सामने स्थित ठिकाने से काबू कर लिया। उसने कहा कि किटें उसके पास नहीं हैं। एमटीपी किटें अमरगढ़ गामड़ी में न्यू करनाल रोड के निकट दुकान संचालक अनिल कुमार के पास से मिलेंगी। टीम ने अनिल कुमार के बताए ठिकाने पर अमरगढ़ गामड़ी में देवीगढ़ रोड के पास स्थित दुकान में छापा मारा। वहां अनिल कुमार की दुकान की तलाशी ली गई तो वहां से एमटीपी की 25 किटों के अलावा नशीली दवाओं का जखीरा बरामद किया। इसमें दस हजार गोलियां माइक्रोलाइट, 600 गोलियां एल्प्राजोलम व पेंटाजोसिन के 120 इंजेकशन शामिल थे। पुलिस ने अनिल को भी हिरासत में ले लिया।
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर डा. सुनील दहिया ने बताया कि कांगथली में कश्मीर से मिली सूचना के बाद धीरज, धीरज से मिली सूचना के बाद राजेंद्र और राजेंद्र से मिली सूचना के बाद अनिल कुमार को काबू किया। धीरज के पास से 5 किटें, अनिल के पास से 25 एमटीपी किटें, 10 हजार माइक्रोलाइट गोलियां, 600 गोलियां एल्प्राजोल व पेंटाजोसिन के 120 इंजेक्शन बरामद किए हैं।
एसएचओ सिविल लाइन रामचंद्र ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। फिलहाल तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ एवं स्वास्थ्य विभाग की शिकायत के अनुसार केस दर्ज किया जाएगा।