खाद्य एवं आपूर्र्ति विभाग द्वारा पूंडरी में एक मिल मालिक को मिलिंग के लिए दिए धान में करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य के चावल ना लौटाए जाने पर विभाग ने मिल मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज करवाया है।
पुलिस को दी शिकायत में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग ने वर्ष 2014-15 में 50591.80 क्विंटल धान खरीदकर मिलिंग के लिए मै. सरस्वती राइस एग्रो मिल पूंडरी को दिया था। मिलिंग करने के बाद राइस मिल द्वारा एफसीआई को 31 मार्च 2015 तक 33896.51 क्विंटल चावल वापिस लौटाना था। लेकिन राइस मिल मालिकों ने चावल को खुर्द-बुर्द करते हुए एफसीआई एवं खाद्य एवं पूर्ति विभाग के साथ धोखाधड़ी की। उसने एग्रीमेंट अनुसार निर्धारित 31 मार्च 2015 तक केवल 11323.46 क्विंटल चावल ही एफसीआई को मिलिंग करके दिया।
इसके बाद सरकार ने सीएमआर डिलीवरी की अवधि बढ़ाकर 30 जून 2015 कर दी। लेकिन फिर भी मिल पूर्ण डिलीवरी नहीं कर पाया। इस तारीख तक भी मिल की तरफ एफ.सी.आई. का 22573.05 क्विंटल चावल बकाया रह गया। विभाग द्वारा 2 मार्च 2016 को सीएमआर की रिकवरी जमा करवाने बारे नोटिस दिया गया, लेकिन राइस मिल द्वारा कोई रिकवरी जमा नहीं हुई। जिस पर मामले की सूचना पुलिस को दी गई। बकाया चावल की कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बनती है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मै. सरस्वती राइस एग्रो मिल पूंडरी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
पूंडरी थाना एसएचओ सत्यवान ने बताया कि पुलिस ने फूड सप्लाई इंस्पेक्टर की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।