शहर में एक करोड़ 58 लाख रुपये से सार्वजनिक शौचालयों, कचरा निस्तारण के लिए सॉलिड व लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। साथ ही कचरा डालने की जगह भी विकसित की जाएंगी। यह जानकारी हरियाणा राज्य स्वच्छ भारत मिशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष द्वारा ली गई बैठक में अधिकारियों द्वारा रखी गई। इसमें बताया गया कि यह फंड स्वीकृत हो चुका है। सरकार के अप्रैल से सितंबर माह तक शहरों को शत-प्रतिशत ओडीएफ(खुले में से शौच मुक्त) बनाने की दिशा में चलने वाले अभियान के दौरान यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
कार्यकारी उपाध्यक्ष लेने पहुंचे बैठक
हरियाणा राज्य स्वच्छ भारत मिशन की गवर्निंग बाडी के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 14 जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच मुक्त किया जा चुका है, जिनमें कैथल जिला भी शामिल है। यह सरकारी मिशन न होकर सामाजिक मिशन है। इसलिए इससे समाज के हर वर्ग को जुड़कर इस मिशन को कामयाब करना होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम मनोहर लाल का यह फ्लैगशिप कार्यक्रम है और इसको स्वेच्छा से बिना किसी दबाव के सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संस्थाओं के सहयोग से सफल बनाएं। डीसी व एसडीसी ने बैठक में अभियान के तहत हुई प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिले में 22 पंचायतें खुले में शौच मुक्त इसलिए नहीं हो पाई, क्योंकि इन गांवों के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए शौचालयों का निर्माण नही किया गया था। रोजाना 60 टन कूड़ा डंप किया जा रहा है तथा 176 परिवारों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए पहली किस्त दी जा चुकी है।
संतों से भी की है अपील
मुख्यमंत्री ने संतों से भी अपील की है कि वह अपने प्रवचनों में स्वच्छता अभियान को शामिल करें। संत समाज में इस अपील को सहर्ष स्वीकार किया है।
संस्थाओं का भी लिया जाएगा सहयोग
अधिकारियों ने कहा कि यह मिशन सरकारी न होकर बल्कि सामाजिक मिशन है। जिला की धार्मिक, राजनीतिक, शैक्षणिक व अन्य संस्थाओं को स्वच्छता के इस कार्य में आगे आना होगा। उन्होंने व्यापारी वर्ग का विशेषकर आह्वान करते हुए कहा कि व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को स्वच्छ पीने का पानी तथा शौचालयों की सुविधा उपलब्ध करवा दें तो शहरी क्षेत्र भी जल्द ही खुले में शौच मुक्त हो सकते हैं।
शहर में 16, कलायत में 25 तो पूंडरी में 13 सार्वजनिक शौचालयों पर हुआ काम
बैठक में बताया गया कि कैथल शहर में 16 सार्वजनिक शौचालय, कलायत में 25 तथा पूंडरी में 13 सार्वजनिक शौचालय चालू हैं।
एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि शहर में एक करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से बची हुई जगहों पर सार्वजनिक शौचालयों, कचरा डालने के प्वाइंटस, सॉलिड व लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। ताकि अभियान में शत-प्रतिशत सफलता मिल सके।