अनाज मंडी में विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने सोमवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया। जिसकी अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने की। महापंचायत में प्रदेश भर के सैंकड़ों किसानों ने भाग लिया। इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर मंथन करने के बाद एक प्रस्ताव पास किया गया। प्रदेश भर से आए किसानों ने अनाज मंडी से लेकर उपमंडल अधिकारी कार्यालय तक एक जलूस निकाला। एसडीएम के न मिलने पर भाकियू ने नायब तहसीलदार को पास किये गए प्रस्ताव का केंद्र व प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने के बाद 9 मांगों पर सहमति बनी। इनमें विभागों से ली जाने वाली एनओसी को किसान ही नहीं बल्कि आमजन विरोधी पद्धति तय किया गया। रतन मान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गेहूं के आयात पर से निर्धारित 25 प्रतिशत शुल्क को हटा कर किसान के साथ नाइंसाफी की है। सरकार तुरंत प्रभाव से गेहूं के आयात पर 40 प्रतिशत शुल्क लागू करते हुए हाल ही में हुए 18 लाख टन गेहूं के आयात सौदे को तुरंत रद्द करे। इस मौके पर भाकियू कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोंवाली, सहारण खाप के पूर्व प्रधान गुरुनाम सिंह सहारण, जिलाध्यक्ष रामसिंह खुराना, बलवान करनाल, नरेंद्र अंबाला, जयकरण पानीपत, महेंद्र सिंह जींद, बाबूराम करनाल, सुखपाल कुलतारण, सतपाल नैन, सुरेश खुराना, बिल्लू खांडा खेडी, रामफल कंडेला, सुरेंद्र सांगवान सहित प्रदेश भर से अन्य किसान मौजूद रहे।