संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में वायु प्रदूषण के हालात ठीक नहीं हो रहे है। रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 250 दर्ज किया गया है। आंकड़ों के लिहाज से रविवार को कैथल फरीदाबाद के बाद पानीपत के साथ संयुक्त रूप से प्रदेश में सबसे प्रदूषित शहर रहा।
गौरतलब है कि बीते शनिवार को एक्यूआई 288 दर्ज किया गया था। इससे पहले गत 18 नवबर को यह 326 दर्ज किया जा चुका है। हालांकि पराली जलाने के मामले भी कम हो रहे हैं। पिछले कई दिनों से एक या दो मामले ही आ रहे हैं। रविवार को भी खेतों में पराली जलाने का नया मामला नहीं आया। पुलिस प्रशासन की ओर से भी जिले में एफआईआर किसानों पर दर्ज नहीं की गई है।
हालांकि जिले में अब 134 किसानों के खिलाफ कृषि विभाग की ओर से रेड एंट्री की गई है। वहीं, अभी तक पूरे जिले में 38 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें एक महिला किसान भी शामिल है। जिले में अब पराली जलाने के 193 मामले सामने आ चुके हैं, जो हरियाणा में सबसे अधिक है। इसमें से तीन लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि प्रशासन के आदेशों पर पराली न जलाने को लेकर किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब तक 134 किसानों की रेड एंट्री की गई है। करीब तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है।
नवंबर में एक्यूआई
15 नवंबर
319
16 नवंबर
322
17 नवंबर
312
18 नवंबर
326
19 नवंबर
208
20 नवंबर
272
21 नवंबर
238
22 नवंबर
290
23 नवंबर
288