कैथल। कैथल डिपो में 20 मिनी बसें आनी थी, लेकिन अब टाटा की बड़ी बसें आने के बाद कैथल डिपो को मिनी बसें नहीं मिलेंगी। मिनी बसों को शामिल न करने का फैसला रोडवेज ने टाटा की 40 बसें पहुंचने के बाद लिया है।
इस समय कैथल डिपो में महज पांच मिनी बसें हैं। जबकि प्रदेश में रोडवेज बेड़े में शामिल होने वाली एसी बसों के तहत कैथल में भी 10 एसी बसें शामिल की जाएंगी।
गौरतलब है कि कैथल रोडवेज डिपो में लगातार नई बसें आने के बाद बसों की संख्या बढ़ रही है। अब बसों का बेड़ा 200 से बढ़कर 240 हो चुका है। इसके तहत अब डिपो में कुल 194 बसें हो चुकी हैं। जल्द ही 10 नई एसी बसें भी पहुंचेंगी।
दिसंबर 2022 से लेकर कैथल में कुल 78 बसें शामिल हो चुकी हैं। इसमें आठ पुरानी बसें शामिल हुई हैं जबकि 70 बसें टाटा व रोडवेज की एचआरईसी कंपनी की तरफ से रोडवेज बेड़े में भेजी गई है। अभी टाटा की 15 बसें और शामिल होनी है। इसी कारण मिनी बसें नहीं आएंगी।
मिनी बसों की जरूरत नहीं
रोडवेज के महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि कैथल डिपो में लगातार नई बसें शामिल हुई हैं। पहले तो यहां पर 20 नई बसें आनी थी, लेकिन अब टाटा की बसें पहुंचने के बाद यह नहीं मंगवाई जाएंगी। अभी डिपो में मिनी बसों की अधिक जरूरत नहीं है। वहीं, फिलहाल डिपो में कुल पांच बसें पहुंची है। संवाद