कैथल। ग्रामीण रूटों से आने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। कोरोना काल के बाद रोडवेज डिपो की ओर से ग्रामीण रूटों पर लगभग 20 बसों का रात्रि ठहराव शुरू किया गया है। इससे विद्यार्थियों और दैनिक कामकाज के लिए आने-जाने वाले यात्रियों को सफर में सुविधा होगी। गांव के रूटों पर रात्रि ठहराव बस सेवा की मांग काफी समय से हो रही थी। इसको ध्यान में रखते हुए विभाग ने बसों का संचालन किया है।
इन बसों के न चलने से सुबह के समय शिक्षण संस्थाओं में आने वाले विद्यार्थियों और कामकाज के सिलसिले में शहर आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। सुबह के समय बसें नहीं मिलती थीं। यात्री निजी वाहनों का सहारा ले रहे थे। अब इन बसों के संचालन के बाद सुबह और शाम यात्रियों को आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। मुन्ना रेहड़ी, डीग, चोचड़ा, ढांड, करोड़ा, राजौंद, किठाना, कलायत, संगतपुरा, खरकां व उचाना सहित अन्य रूटों पर रात्रि ठहराव शुरू हो गया है। सुबह के समय इन रूटों पर आने जाने वाले यात्रियों को अब परेशानी नहीं रहेगी। ये बसें शाम को लगभग पांच बजे डिपो से निकलेंगी। वहीं अगले दिन रात्रि ठहराव कर चलेंगी। इससे पहले कई बसें दूसरे जिलों में रात्रि ठहराव कर रहीं हैं। रोडवेज जीएम अजय गर्ग ने बताया कि यात्रियों की मांग पर रात्रि ठहराव बस सेवा शुरू की जा रही है। लगभग 20 गांवों में बसों का रात्रि ठहराव शुरू हो गया है। आगामी दिनों में शेष रूटों पर भी ठहराव शुरू किया जाएगा।