-दोस्त के भाई हत्या के मामले में गुरमेल समेत छह दोषियों को आजीवन कैद
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मुंबई में महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री व एनसीपी नेता बाबा सिद्दकी हत्याकांड में मुख्य शूटर गांव नरड़ निवासी आरोपी गुरमेल को कैथल की अदालत ने उसके दोस्त के भाई की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। उसके साथ इस वारदात में शामिल पांच अन्य लोगों को भी अदालत ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। इस हत्या के बाद ही गुरमेल ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। गत 12 अक्तूबर को दशहरा पर्व की रात में गुरमेल ने लारेंस गैंग से जुड़ने के बाद मुंबई में घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद गुरमेल का नाम चर्चा में आ गया था।
पुलिस के मुताबिक, 31 मई 2019 को उसने साथियों के साथ कैथल के रुद्री मंदिर के पास दोस्त के भाई सुनील की बर्फ के सुए से 52 वार का हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने उसे उसे गिरफ्तार कर कैथल जेल भेजा था लेकिन जेल में सुधरने की जगह वह गैंगस्टर लॉरेंस के गुर्गों के संपर्क में आया था।
मंगलवार को सुनील की हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदिता कौशिक की अदालत ने गुरमेल के साथ अन्य पांच दोषियों को भी उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा ना करने की सूरत में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
यह पूरा मामला-
नरड़ निवासी रामकुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी 31 मई 2019 को उसके बेटा सुनील ग्यारह रुद्री मंदिर कैथल के पास अपनी गाड़ी में पहुंचा तो दो मोटर साइकिलों पर सवार पांच नामालूम युवकों ने अपनी मोटर साइकिल सुनील की गाड़ी के आगे अड़ा दी। इसके बाद आरोपियों ने सुनील को गाड़ी से खींचकर नीचे उतार लिया। इसके बाद उन्होंने अपने अपने हाथों में लिए तेजधार हथियारो, डंडों व सुएं से ताबड़तोड़ हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्होंने सुनील के सिर के पीछे, माथे पर, बाएं हाथ का अंगूठा व शरीर पर काफी चोट मारी। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने सुनील को मृत घोषित कर दिया। थाना शहर में यह केस दर्ज कराया गया था। इसी मामले में पुलिस ने आरोपी नरड़ निवासी गुरमेल, विक्की उर्फ सुल्तान, अशोक कुमार उर्फ शोकी, फर्शमाजरा निवासी अंकित, संदीप व राजकुमार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान ठोस साक्ष्य जुटाने के बाद अभियोग को न्यायालय के सुपुर्द कर दिया गया तथा समय-समय पर निरंतर रूप से गवाहियां देकर मामले की मुस्तैदी पूर्वक पैरवी की। इस दौरान उपरोक्त मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदिता कौशिक की अदालत अपने 80 पेज के फैसले में दोषी गुरमेल, अंकित, संदीप, राजकुमार, विक्की को उम्र कैद व 60 हजार 500 रुपये जुर्माने व आरोपी अशोक को उम्रकैद व 70 हजार 500 रुपये जुर्माने का सजा सुनाई है। मामले में 29 गवाह थे।
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हाईकोर्ट से जमानत लेने के बाद मुंबई गया था आरोपी गुरमेल
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में युवक सुनील की हत्या मामले में आरोपी गुरमेल कैथल जेल में बंद रहा था। 25 मार्च 2022 को जेल में उसके पास फोन मिला था और उसके खिलाफ सिटी थाना में दूसरा केस दर्ज हुआ था। इस केस में सोनीपत और करनाल के युवकों का भी नाम था। गुरमेल को हत्या मामले में सात जुलाई 2023 को हाई कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई थी। जमानत के बाद वह न तो घर आया और न ही दोबारा पेशी पर गया। उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ है। 12 अगस्त 2024 को गांव सेगा निवासी युवक से मारपीट के आरोप में गुरमेल के विरुद्ध तितरम थाना में तीसरा केस दर्ज हुआ था। जमानत के बाद कहां रहा, नहीं जानकारी हत्या के मामले में गुरमेल की जमानत किसने करवाई, इसको लेकर भी कोई जानकारी नहीं है। साल 2020-21 में कैथल जेल में पंजाब का कोई गैंगस्टर आया था। पुलिस आशंका जता रही है कि गुरमेल उसी समय लारेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया होगा। जमानत के बाद भी वह कहां रहा, किसी को कोई पता नहीं है।