संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सौजन्य से पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बात्ता में शनिवार को कानूनी साक्षरता जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में सिविल जज (जूडिशल मजिस्ट्रेट) सुश्री जैस्मिन और सुश्री गुंजन ठाकुर ने बच्चों को उनके अधिकारों और कानूनों की विस्तृत जानकारी दी।
सुश्री जैस्मिन ने बताया कि जुवेनाइल एक्ट 2015 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों (नाबालिगों) के अधिकारों की रक्षा करता है। इससे पूर्व प्रधानाचार्य सुभाष दीवान, एसएमसी प्रधान संजीव कुमार और सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। सुश्री जैस्मिन ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण कानून है। यह 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की शारीरिक, मानसिक, यौन, भावनात्मक या आर्थिक शोषण से सुरक्षा प्रदान करता है। बच्चों के उत्पीड़न, अपराध या किसी भी समस्या की स्थिति में उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता दी जाती है। सुश्री जैस्मिन ने बताया कि छोटे बच्चों को पुलिस स्टेशन नहीं ले जाया जाता बल्कि विशेषज्ञों द्वारा उनसे सामान्य वातावरण में पूछताछ की जाती है। 18 वर्ष से कम आयु में अपराध करने वाले बच्चे को दंडित नहीं किया जाता, बल्कि सुधार गृह भेजकर उसे सुधारने का प्रयास किया जाता है।
सुश्री गुंजन ठाकुर ने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से खतरनाक उद्योगों में कार्य कराना पूर्णतया प्रतिबंधित है। यदि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित है तो उसे मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास होने चाहिए। जागरूकता शिविर में एडवोकेट नवनीत कुमार ने छात्रों को मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों और मोबाइल के दुरुपयोग से होने वाले अपराधों के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र कुमार, पंच सुभाष राणा, गोल्डी राणा, प्रदीप राणा, अरुण राणा और एमसी प्रधान संजीव शर्मा आदि उपस्थित रहे।
6केएलटी4: कार्यक्रम में बोलती सिविल जज जूनियर डिवीजन सुश्री जैस्मिन- फोटो : कलेक्ट्रेट सभागार में राजनैतिक दलों के साथ बैठक करते एडीएम विशुराजा। स्रोत विभाग