संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। एफसीआई के संयुक्त सचिव आईएएस गुलजार नटराजन ने सोलू माजरा अदानी साइलो का दौरा किया। इस दौरान वहां आए किसानों से समस्याएं पूछीं तो वे बोले- यहां पर लंबी-लंबी लाइनों में 10 से 12 घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इस कारण यहां पर बहुत परेशानी हो रही है।
किसानों ने कहा कि साइलो में चार धर्मकांटे उपलब्ध हैं। जबकि यहां पर केवल दो ही कांटे चलाए जा रहे हैं। जब साइलो के पास इतना बड़ा सिस्टम है तो किसानों को परेशान क्यों किया जा रहा है। यदि चारों कांटे चल जाए तो यहां पर किसानों का समय भी बच जाता है और इतनी लंबी लाइन नहीं लगेगी।
किसानों ने कहा कि हमारे लिए इससे तो अच्छी सुविधा अनाज मंडी में मिल जाती है। जिसमें समय की बचत के साथ साथ किराए की भी बचत होती थी। जबकि साइलो में आने पर किसानों को अधिक किराया देना पड़ता है।
इस पर संयुक्त सचिव ने कहा आगे से आपको कोई समस्या नहीं आएगी। इस मौके पर संयुक्त सचिव गुलजार नटराजन व जिला उपायुक्त प्रशांत पंवार व अन्य अधिकारियों ने प्रांगण में पौधारोपण किया।
इससे पूर्व डीएफएससी निशांत राठी व साइलो के अधिकारियों ने आईएएस अधिकारी को विस्तार से बताया कि साइलो में किस प्रकार से गेहूं का भंडार किया जाता है और फिर आगे किस प्रकार से उसको आगे भेजा जाता है।
गौरतलब है कि एफसीआई के संयुक्त सचिव गुलजार नटराजन और मंडी एसोसिएशन के बीच हुई बातचीत से ऐसा लगा कि लोकसभा चुनाव के बाद कोई कठोर निर्णय लिया जा सकता है। इस बात का आभास मंडी एसोसिएशन को भी हो चुका है।
गत वर्ष एफसीआई द्वारा अदानी में आढ़तियों के माध्यम से खरीद की गई गेहूं की आधी आढ़त देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। बकाया आधी आढ़त लेने के लिए आढ़तियों ने शासन से लेकर प्रशासन तक गुहार लगा चुके है, लेकिन परिणाम कुछ नहीं आ रहा है।