संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/ढांड। संयुक्त किसान मोर्चा ने आगामी 9 जुलाई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर बैठक आयोजित की। बैठक में जिला संयोजक महेंद्र सिंह रामगढ़, जिला प्रधान जसबीर सिंह, बलवंत राय धनौरी और धर्मपाल भुना ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने हड़ताल का पूर्ण समर्थन करने का निर्णय लिया है।
बैठक में किसान आंदोलन के लंबित मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें कृषि विपणन पर राष्ट्रीय नीति फ्रेमवर्क को रद्द करवाने, स्मार्ट मीटर योजना को समाप्त करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, किसान-मजदूरों की कर्जमुक्ति समेत कई महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। इन सभी मांगों को लेकर आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।
ब्लॉक सचिव बलवंत राय धनौरी, सीआईटीयू के नेता नरेश कुमार रेहड़ा और जसबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार धीरे-धीरे सरकारी कृषि मंडियों को समाप्त करने का काम कर रही है, जो किसानों के हित में नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों का समाधान नहीं किया, तो नौ जुलाई की हड़ताल के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस अवसर पर महेंद्र सिंह, जसबीर सिंह, बलवंत राय धनौरी, नरेश कुमार, जयप्रकाश शास्त्री, सत्यवान और रमेश हरित किसान नेता उपस्थित रहे।
उधर, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने हड़ताल में भागीदारी करने की बात कही। संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा और जिला सचिव कामरेड कृष्ण कुमार ने ढांड कार्यालय में कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान संगठनों ने इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार 80 करोड़ से अधिक गरीबों को मुफ्त राशन देने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर लगातार महंगाई से गरीब तबका बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
कामरेड राजकुमार ने कहा कि आज जिस तरह से आज़ादी आंदोलन में मजदूरों, किसानों, छात्रों और युवाओं ने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया था, उन्हीं अधिकारों को अब सरकार एक-एक कर छीनने का काम कर रही है। साथ ही किसानों के खिलाफ पुराने तीन काले कृषि कानूनों जैसी नीतियां फिर से थोपने की कोशिश की जा रही है।
बैठक में जिला कमेटी सदस्य कामरेड कृष्ण चंद, रामसरूप, संजू, दर्शन सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।