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कैथल: जिला परिषद चुनाव में खींचतान के बाद समझौता, JJP को अध्यक्ष, BJP को उपाध्यक्ष की कुर्सी

Fri, 13 Jan 2023 07:55 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)

सार

कैथल जिला परिषद में भाजपा को उपाध्यक्ष पद पर संतोष करना पड़ा है। भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार नहीं उतारा। जजपा ने समझौते के कारण उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार नहीं दिया। भाजपा पार्षदों की वोटिंग से गैर हाजिरी के बीच अध्यक्ष पद का वोटिंग से तो उपाध्यक्ष पद का सर्वसम्मति से चुनाव हुआ। 
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कैथल जिला परिषद के अध्यक्ष दीप मलिक व उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के कैथल में करीब महीने भर से जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद को लेकर चल रही भाजपा-जजपा की खींचतान के बीच शुक्रवार को दोनों दलों ने आपसी समझौता कर लिया। फ्रैंडली रिजल्ट में जजपा अपने दावे के मुताबिक अध्यक्ष पद हासिल करने में सफल रही। वहीं भाजपा को एक भी रणनीति सफल न होने के कारण उपाध्यक्ष पद पर संतोष करना पड़ा। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के पार्षदों की गैर हाजिरी के बीच मतदान से चुनाव हुआ। जिसमें दो वोट से जजपा प्रत्याशी वार्ड दो के दीप मलिक जाखौली अध्यक्ष पद का चुुनाव जीते। भाजपा के वार्ड 13 से सदस्य बनकर आए कर्मवीर कौल को सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुन लिया।

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गौरतलब है कि करीब एक महीने से जिला परिषद कैथल के अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा-जजपा के बीच फ्रेंडली मैच चल रहा था। वीरवार 12 जनवरी को एडीसी के छुट्टी पर चले जाने के कारण चुनाव नहीं हो पाया। जजपा के 11 सदस्यों ने वीरवार को बैठक में पहुंच कर हाजिरी लगा दी थी।

इसके बाद डीसी ने रात में ही 13 जनवरी शुक्रवार की फिर से तिथि निर्धारित कर दी। इसके तहत दोपहर बाद दो बजे निर्धारित किए चुनाव के समय में दो बजकर आठ मिनट पर चुनाव अधिकारी एडीसी जिप कार्यालय पहुुचें। सबसे पहले वार्ड चार से सदस्य बनें दिलबाग ऊर्फ दीप बालू बैठक में पहुंचे। इसके बाद दो बजकर 32 मिनट पर सांसद नायब सैनी की अगुवाई में भाजपा के नौ पार्षद बैठक में पहुंचें। इसके बाद दो बजकर 50 मिनट पर जजपा के पार्षद विधायक अमरजीत ढांडा के साथ बैठक में पहुंचें। 
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अपराह्न करीब तीन बजे के बाद बैठक शुरू हुई। इसमें अध्यक्ष पद के लिए जजपा प्रत्याशी दीप मलिक जाखौली व निर्दलीय प्रत्याशी दिलबाग ऊर्फ दीप बालू ने नामांकन पत्र भरा। इस चुनाव में जजपा समर्थक 11 पार्षदों, भाजपा के एक समर्थक पार्षद और निर्दलीय दीप बालू ने वोट डाले।

कुल डाले 13 वोटों में से दीप मलिक जाखौली को 11 व दिलबाग ऊर्फ दीप बालू को दो वोट मिले। भाजपा के आठ पार्षदों ने अध्यक्ष पद के चुनाव में वोट ही नहीं डाला। इस तरह से दीप मलिक जाखौली जिला परिषद के अध्यक्ष चुन लिए। 

उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से वार्ड 13 से पार्षद कर्मबीर कौल ने नामांकन पत्र दाखिल किया। उपाध्यक्ष पद के लिए जजपा की ओर से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं आया। करीब दो घंटे तक चली चुनाव प्रक्रिया के बीच कर्मबीर कौल को सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुन लिया।

अध्यक्ष पद का चुुुनाव लड़ने वाले दिलबाग ऊर्फ दीप बालू ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा अपने पार्षदों को अध्यक्ष पद के लिए वोट नहीं डालने दे रही। यह लोकतंत्र की हत्या है। यदि भाजपा पार्षद वोट डालते तो वे निश्चित रूप से अध्यक्ष बनते।

दूसरी ओर चुनाव अधिकारी एडीसी बलप्रीत सिंह ने कहा कि अध्यक्ष पद के लिए दीप मलिक जाखौली को 11 वोट मिले हैं। वे विजयी रहे। दूसरे उम्मीदवार दिलबाग ऊर्फ दीप बालू को दो वोट मिले। शेष सदस्यों ने वोट नहीं डाला। जो उनका अधिकार है। उपाध्यक्ष पद के लिए कर्मबीर कौल को छोड़कर कोई उम्मीदवार नहीं आया। जिस कारण सर्वसम्मति से कर्मबीर कौल उपाध्यक्ष बने हैं। 

चुनाव के बाद संयुक्त रूप से पत्रकारों से बातचीत में सांसद नायब सैनी, जजपा राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल व उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने जो तय किया, उसके अनुसार दीप मलिक जाखौली को अध्यक्ष व कर्मबीर कौल को उपाध्यक्ष चुन लिया। दीप बालू के आरोपों पर सांसद ने कहा कि सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। वे चुनाव लड़े, उन्हें दो वोट मिले। भाजपा सदस्यों की वोट न डालने के सवाल पर सांसद ने कोई जवाब नहीं दिया।

इस तरह से पिछले एक माह से भी अधिक समय से चल रही जिप अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद को लेकर जोड़तोड़ का खेल खत्म हो गया। जिला भाजपा नेताओं जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर व अन्य के स्पष्ट बहुमत के दावे धरे के धरे रह गए। जजपा के रणनीतिकार दिग्विजय चौटाला की रणनीति के आगे भाजपा की एक न चली।

लगातार दो बार बैठक स्थगित होने के बाद देर रात तक हाई लेवल पर हुई बातचीत के बाद भाजपा को जजपा के आगे सरेंडर करना पड़ा और उसे उपाध्यक्ष पद से ही संतोष करना पड़ा। जजपा का दावा शुरू से ही मजबूत था। इस कारण अध्यक्ष पद पर जजपा के सदस्य पार्षद ही विजयी रहे। जीत के बाद समर्थकों ने खूब जश्न मनाया। मौके पर दिग्विजय चौटाला के जमकर जयकारे लगे।

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