कैथल। जिले भर में जगह-जगह खोले जा रहे प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक, एक्स-रे सहित अन्य टेस्टिंग सेंटरों को अब पहले स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत करवाना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
अगले माह से यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके लागू होने के बाद बिना शैक्षणिक योग्यता के कोई भी झोलाछाप अपना क्लीनिक नहीं खोल पाएगा। जो भी संस्थान पंजीकृत होगा, उसे विभाग मानदंडों का पालन करना होगा। अब तक निजी तौर पर खोले जा रहे अस्पतालों, क्लिनिक एवं एक्स-रे केंद्रों सहित अन्य टेस्टिंग संस्थानों के पंजीकरण जैसा कोई नियम नहीं था।
केवल केमिस्ट ओर अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालक ही विभाग द्वारा पंजीकृत किए जाते थे जिस कारण अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा बिना जानकारी के इलाज किए जाने के कारण लोगों को नुकसान उठाना पड़ता था। स्वास्थ्य विभाग पिछले दिनों ही कैथल में ही एक बिना डिग्री के चलाए जा रहे क्लीनिक का भंडाफोड़ कर चुका है।
निर्धारित मापदंड पूरे करने पर ही होगा रजिस्ट्रेशन
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नए रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत हर प्रकार के संस्थान के पंजीकरण के लिए मापदंड तय किए गए हैं। इसके तहत डॉक्टर, सहायक स्टॉफ, तकनीकी स्टॉफ सहित दवाओं की बिक्री के लिए स्टॉफ की आवश्यक शैक्षणिक योग्यता सहित कई प्रकार के मापदंड को पूरा करने के बाद ही रजिस्ट्रेशन होगा। इसके अलावा उचित ट्रेनिंग एवं डिग्री के बाद ही स्वास्थ्य संबंधी संस्थान खोला जा सकेगा। सिविल सर्जन डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता ने कहा कि विभागीय आदेशानुसार जिले में सभी प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक, एक्स-रे सेंटर सभी को विभाग से पंजीकरण करवाना होगा।