जन शिक्षा अधिकार मंच ने लघु सचिवालय से राज्यमंत्री कमलेश ढांडा के निवास तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से लड़कियों के मर्ज किए गए सभी स्कूलों को खुलवाने की मांग की गई। इसके अलावा चिराग योजना वापस करवाने और मास्टर सुरेश द्रविड़ पर दर्ज एफआईआर रद्द करवाने की भी मांग की गई। इस दौरान पुतलों की शव यात्रा भी शहर में निकाली गई। प्रदर्शन से पूर्व मंच के सदस्यों ने लघु सचिवालय में सभा की। वहां से नारेबाजी करते हुए करनाल रोड, पिहोवा चौक व अंबाला रोड से होकर राज्यमंत्री आवास के बाहर पहुंचे।
मंच के जिला संयोजक सतबीर गोयत ने प्रदर्शन की अगुवाई की। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांडा, शमशेर नैन, राजेश खरब, किसान सभा के राज्य प्रधान बलबीर सिंह, भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट से होशियार सिंह, शकुंतला व सत्यवान ने कहा कि अकेले कलायत हलके में चंदाना, बात्ता, कुराड़, कैलरम, किठाना व सेरधा के कन्या मिडिल स्कूलों को बंद कर दिया है। जब अध्यापक इन स्कूलों को बचाने का प्रयास करते हैं तो अध्यापकों को पहले सस्पेंड किया जाता है और फिर उन पर केस दर्ज करवाकर सबक सिखाने की बात की जाती है। जन शिक्षा अधिकार मंच इसे कभी सहन नहीं करेगा।
इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद भी प्रदर्शन का समर्थन करने पहुंचे। उन्होंने शिक्षा से सरकार के लोगों का कोई सरोकार नहीं। इसलिए ये बेटियों के स्कूलों को बंद करके गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करना चाहते हैं। मंच के जिला संयोजक सतबीर गोयत ने कहा कि लघु सचिवालय पर मंच की ओर से डाला गया पड़ाव अंतिम चरण तक जारी रहेगा। शिक्षा व स्कूलों को बचाने के लिए नवंबर माह में पूरे कैथल जिले में जत्थे निकालते हुए गांव-गांव तक जाएंगे। प्रदर्शन में अन्य कई संगठनों के सदस्यों व प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।