फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जन आयोग संगठनों ने किया कैथल का दौरा

विज्ञापन
जाट आंदोलन - फोटो : कैथल
विज्ञापन
जन आयोग संगठनों ने किया कैथल का दौरा
विज्ञापन

दंगा पीड़ितों सहित कई पक्षों से मुलाकात की
कलायत, पूंडरी व कैथल में की लोगों से मुलाकात
घटनाक्रम की असली तस्वीर देश के सामने रखने का है प्रयास : राय

कैथल। जन संगठनों द्वारा गठित जन आयोग की टीम ने पूर्व आपीएस वीएन राय के नेतृत्व में जिले भर में दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। टीम में शामिल समाज शास्त्रियों व सामाजिक नेताओं ने दंगा पीड़ितों सहित आंदोलन कर रहे जाट समाज के नेताओं से भी बातचीत की। इस जन आयोग में वीएन राय के साथ उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजीव गोदारा, उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता राम मोहन राय व संस्कृति कर्मी डा. शुभा व अर्थशास्त्री डा. राजेंद्र चौधरी शामिल थे।

आयोग की टीम ने सबसे पहले कलायत में दंगा प्रभावित लोगों से मुलाकात की। जहां लोगों ने आंदोलन के दौरान हुए नुकसान एवं पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद आयोग के सदस्य गांव मटौर में जाट समाज के युवकों एवं मौजिज लोगों से मिले। जहां आंदोलन के दौरान की वस्तुस्थिति की जानकारी हासिल की। इसके बाद आयोग के सदस्य शुक्रवार सुबह कैथल पहुंचे।
विज्ञापन

जहां उन्होंने करनाल रोड पर दंगों से प्रभावित हुए दुकानदारों से मिलकर उनके नुकसान व घटनाक्रम की जानकारी हासिल की। आयोग सदस्य पद्मा सिटी मॉल सहित करनाल रोड बाईपास पर स्थित उन प्रतिष्ठानों पर भी गए, जो हिंसा का ज्यादा शिकार हुए थे। इसके बाद आयोग की टीम ने तितरम मोड़ पर भाग लेने वाले जाट समाज के नेताओं व युवकों से बातचीत की। जिसमें बलदेव तितरम सहित अन्य युवा शामिल थे।

टीम सदस्य बाद दोपहर पूंडरी पहुंचे। जहां सैनी धर्मशाला में पूंडरी के लोगों ने आरक्षण आंदोलन के दौरान के घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी। जिसमें उपद्रवियों द्वारा खुले आम किए गए तांडव व प्रशासनिक भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। यहां लोगों से मुलाकात के बाद जन आयोग के सदस्य सफीदों के लिए रवाना हुआ।
विज्ञापन


आयोग की अगुवाई कर रहे पूर्वी आपीएस वीएन राय ने कहा कि पिछले दिनों हरियाणा में जो भी घटनाक्रम हुआ। उस की निष्पक्ष एवं जनता के दृष्टिकोण से छानबीन व तथ्यों को उजागर करने के लिए सामाजिक स्तर पर एक जन आयोग का गठन किया गया है। जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले प्रमुख लोगों को शामिल किया गया है। यह आयोग जनता से पूरे हालात की जानकारी लेकर सभी पक्षों को इस जांच में शामिल करेगा। फिर आयोग द्वारा सरकारी जांच रिपोर्ट से अलग अपनी एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिसे प्रदेश की जनता सहित पूरे देश के सामने रखा जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें