संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शहीद उद्यम सिंह चौक पर किसानों ने सुबह 6 बजे ही अपने ट्रैक्टर-ट्राली खड़े करके धरना शुरू कर दिया। किसानों ने चारों चौक के चारों मुख्य मार्गों को अवरोध लगाकर पूरी तरह से बंद कर दिया। चीका में बंद का व्यापक असर दिखा और बाजार पूरी तरह बंद रहे व बसें भी बंद रहीं।
भारत बंद की रहनुमाई चीका में भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी युवा जिला अध्यक्ष हरदीप बदसूई, युवा हलका अध्यक्ष गुरदेव बदसुई, महासचिव कुलविंद्र नंबरदार ने की।, भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां जिला प्रधान प्रताप सिंह, महिला अध्यक्ष चरणजीत कौर, खेती बचाओ-देश बचाओ समिति के संयोजक जसपाल सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि तीनों कृषि कानून रद्द किए जाने की मांगों को लेकर दिल्ली पर डटे किसानों को 27 सितंबर को 10 महीने पूरे होने पर भारत बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीनों कालू कानूनों को लेकर किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी व आम जनता संघर्ष कर रहे हैं। किसानों ने शहर के शहीद ऊधम सिंह चौक के साथ-साथ गांव भागल, पीडल, कांगथली, अगौंध, खरकां, मस्तगढ़, मजारी, खरकड़ा, अजीमगढ़, कमहेड़ी व टटियाणा टोल पर भी जाम लगाया।
प्रताप सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार ने नौकरियां खत्म कर युवाओं को सड़कों पर भटकने के लिए छोड़ दिया है और सरकार की गलत नीतियों से रोजगार समाप्त हो गए है। महिला अध्यक्ष चरणजीत कौर ने कहा कि सरकार किसानों की राहों में कीले बिछा उनके रास्ते रोकने की कोशिश कर रही है लेकिन किसान उन्हीं राहों में फूल लगा सरकार के तानाशाही रवैये का जवाब दे रहे हैं।
किसानों ने चीका क्षेत्र में चीका से पटियाला, चीका से कैथल, चीका से पिहोवा, चीका से खरकां मुख्य मार्गों सहित लिंक मार्गों में अजीमगढ़, भागल, पीड़ल, कम्हेड़ी, गुहला, खरकां, चक्कू, खरकड़ा, कांगथली, मस्तगढ़, माजरी, टटियाना टोल प्लाजा पर जाम लगाया। हरियाणा रोडवेज की एक दर्जन बसे बस स्टेंड में खड़ी रही। प्राइवेट बसें भी बंद रही। भारत बंद में समाजसेवी संस्था नेकी का घर द्वारा किसानों व आम जनता के लिए फ्री आंखों का चेकअप और दवाइयों का कैंप लगाया गया।