कैथल। किंवदंती के अनुसार भगवान हनुमान जी की जन्मस्थली कपि स्थल अंजनी का टीला भी राममय हो गया। इस मंदिर में सोमवार को भव्य कार्यक्रम हुआ।
कार्यक्रम के सुबह के समय हवन के साथ पूजा-अर्चना की और फिर राम चरित मानस का पाठ किया गया। इस मंदिर में भी सुबह से ही शहर से काफी श्रद्धालुओं की भी माथा टेकने के लिए जुटी। समापन के बाद दोपहर के समय प्रसाद वितरित किया गया। इस पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था मंदिर के पंडित बाबू राम ने देखी। पूरा दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
किंवदंती में कैथल को भगवान हनुमान जी की जन्मस्थली माना जाता है। इसका प्राचीन नाम कपिस्थल है। कपिस्थल के राजा भगवान हनुमान के पिता केसरी रहे हैं। शहर के पार्क रोड पर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर भी है। यह मंदिर मां अंजनी के टीले के नाम से प्रसिद्ध है। भगवान हनुमान की माता अंजनी को समर्पित यह टीला जिले के मुख्य ऐतिहासिक स्थानों में से एक माना जाता है। पुजारी पंडित बाबूराम शर्मा ने बताया कि यहां पहले विशाल टीला होता था। मान्यता है कि यहां पर माता अंजनी का निवास था और हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस कारण इसे अंजनी का टीला कहा जाता है। कपि के राजा होने की वजह से हनुमान जी के पिता केसरी को कपिराज कहा जाता था। बाद में माता अंजनी के टीले के पास रिहायशी क्षेत्र में तब्दील हो गया और यह टीला विलुप्त हो गया। संवाद