एक ओर जहां प्रदेश सरकार मेरा गांव जगमग योजना के गांवों को जगमग करने की योजना बना रही है। लेकिन गांव को जगमग योजना से जोड़ने के लिए बिजली निगम की टीम को नाकों चने चबाने पड़ रहे है।
ऐसे में परेशान होकर बिजली निगम ने पुलिस सुरक्षा की मांग की है। बिजली विभाग के एसडीओ सत्यवान नैन ने बताया कि जगमग योजना के तहत गांव के सभी मीटर घरों के बाहर लगाए जाने होते है।
लेकिन गांव वासियों के सहयोग न करने के चलते यह योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। बिजली चोरी रोकने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे है, लेकिन इसमें ग्रामीणों के सहयोग न देने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिना पुलिस सुरक्षा के आए दिन विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने गांव मुदड़ी को जगमग गांव घोषित कर रखा है, जिसके तहत उसे 18 घंटे लाइट दी जाएगी।
लेकिन जब भी विभाग की टीम इस गांव में बिजली के मीटर बाहर लगाने जाती है, तो ग्रामीण खासकर महिलाएं उन्हें ऐसा नहीं करने देती।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पहले जितनी बिजली मिल रही है, वो पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि वीरवार को विभाग की एक टीम गांव मुंदड़ी में बिजली के मीटर घरों के बाहर लगाने गई थी लेकिन लोगों के विरोध के चलते उन्हें बैरंग लोटना पड़ा।
उन्होंने बताया कि गांव मुंदड़ी में इस समय 70 प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है। उन्होंने बताया कि जगमग योजना से जोड़ने के लिए बिजली चोरी पर लगाम लगाना भी जरूरी है।
लेकिन बिना पुलिस की सुरक्षा के बिजली विभाग की टीम खुद को असहाय महसूस कर रही है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पूंडरी के सैनी मोहल्ले में घरों के मीटर बाहर लगाने गई टीम को भी लोगों खासकर महिलाओं के विरोध के चलते वापस लोटना पड़ा। एसडीओ ने निगम के उच्चाधिकारियों एवं सरकार से मांग की है कि बिजली चोरी रोकने के लिए जाने वाली टीम को स्थायी तौर पर पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।