जाट हाईस्कूल सोसाइटी के पांच साल बाद हुए चुनाव में कोटड़ा ग्रुप ने अपनी धाक जमाई। इस गुट को इनेलो का समर्थन प्राप्त है। कोटड़ा ग्रुप के 75 में से 48 उम्मीदवारों को स्पष्ट बहुमत मिला है। वहीं एडहॉक कमेटी के प्रधान दर्शन सिंह मालखेड़ी हार गए हैं।
विजय उम्मीदवारों ने जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है। जाट संस्था के सदस्यों ने रविवार को हुए मतदान में अपने-अपने मत का प्रयोग किया। संस्था के 75 कॉलेजियम में से रविवार को 63 कॉलेजियम के लिए हुए मतदान के बाद आए परिणाम में कोटड़ा ग्रुप ने 48 उम्मीदवारों के विजयी होने का दावा किया है। जिससे इसी गुट से जाट हाईस्कूल सोसाइटी का प्रधान और कार्यकारिणी सदस्यों की नियुक्ति का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
विजयी उम्मीदवारों को रिटर्निंग अधिकारियों ने विजयी प्रमाणपत्र प्रदान किए। एडहॉक कमेटी के प्रधान दर्शन सिंह मालखेड़ी बुरी तरह से पराजित हुए। मालखेड़ी गुट ने भी 31 उम्मीदवारों की जीत का दावा किया है।
रविवार को जाट संस्था के 75 में से 63 कॉलेजियम के लिए मतदान हुआ। 12 सदस्यों का पहले ही सर्वसम्मति से चयन कर लिया गया था। सुबह आठ बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम चार बजे तक जारी रही। चार बजे ही वोटिंग बंद करके कॉलेजियम अनुसार गिनती की गई।
इसके बाद परिणाम घोषित किए गए। रिटर्निंग अधिकारी एसडीएम कलायत आरके सिंह और रामकिशन ढांडा ने विजेता प्रत्याशियों को निर्वाचित प्रमाणपत्र प्रदान किए। रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि कुल 6856 वोट डाले गए जिनमें से 6832 वैध पाए गए।
वर्ष, 2013 से लटका था चुनाव
बलवान कोटड़ा के वर्ष 2010 में प्रधान बनने के बाद 20 जून, 2013 में कार्यकाल पूरा हो गया था लेकिन नए सोसाइटी एक्ट के तहत कॉलेजियम बनाए जाने के कारण चुनाव लटक गया। उस समय तत्कालीन सरकार ने दर्शन सिंह मालखेड़ी के नेतृत्व में एडहॉक कमेटी का गठन किया था जिसे चुनाव करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कोटड़ा ग्रुप बार-बार चुनाव करवाए जाने की मांग कर रहा था। तमाम कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद हुए चुनाव में आखिरकार बलवान कोटड़ा ग्रुप ने लगातार तीसरी बार चुनाव में विजय जीत की है। इससे पहले वर्ष 2007 और 2010 में प्रधान पद के लिए हुए सीधे चुनाव में बलवान कोटड़ा विजयी रहे थे। कोटड़ा ग्रुप को इनेलो का समर्थन हासिल है।
दिग्गज हारे
चुनाव में एडहॉक कमेटी के प्रधान दर्शन सिंह मालखेड़ी बुरी तरह से पराजित रहे। उन्हें महज 31 वोट मिले। जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार राजेश लाठर ने 78 वोट हासिल किए।
वर्जन
हमारे ग्रुप के 48 उम्मीदवार विजयी रहे हैं। कुछ अन्य उम्मीदवार, जिनका किसी पार्टी से कोई संबंध नहीं हैं वे भी उन्हें समर्थन दे सकते हैं। इस समर्थन के लिए जाट संस्था सदस्यों का आभार व्यक्त करते हैं।
बलवान सिंह कोटड़ा, पूर्व प्रधान
हमारे 31 समर्थक विजयी रहे। मैं खुद चुनाव हार गया हूं। कोटड़ा ग्रुप के ज्यादा उम्मीदवार विजयी हुए हैं।
दर्शन सिंह मालखेड़ी, प्रधान, एडहॉक कमेटी