जाट आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति ने रविवार को पिछले साल जाट आरक्षण आंदोलन में मारे गए युवकों के बलिदान दिवस को शहीदी दिवस के रूप में मनाया। गांव देवबन के कैंची चौक पर हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिस कारण सुबह ग्यारह बजे से तीन बजे तक कैथल से जींद व पानीपत जाने वाले मार्ग पर जाम लगा रहा। इन मार्गों पर चलने वाले वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया। प्रशासन की दिन भर सांसें फूलीं रहीं और भारी पुलिस बल 22 नाकों पर तैनात रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए देवबन कैंची चौक के आस-पास के एरिया में करीब 5 घंटे इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं।
सुबह करीब नौ बजे धरनास्थल पर लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। दोपहर तक हजारों की संख्या में लोग ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में धरनास्थल पर पहुंच गए। जिसमें महिलाओं की संख्या भी काफी थीं। प्रशासनिक सूत्रों ने लगभग 10 हजार लोगों के पहुंचने की रिपोर्ट दी है। वहीं जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अनुसार करीब 20 हजार लोग धरने पर पहुंचे और अपने शहीद युवाओं को याद किया। करीब 1 बजे धरनास्थल पर समाज के नेताओं के आह्वान पर लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर आंदोलन में मारे गए युवाओं के लिए प्रार्थना की। इसके बाद 2 बजकर 50 मिनट पर धरना समाप्त कर दिया गया।
धरने को संबोधित करने के लिए दिल्ली से राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहताश हुड्डा, मा. जयभगवान डबास दिल्ली अध्यक्ष, सतीश नंबरदार, जितेंद्र डबास, रमेश डबास भी पहुंचे। वहीं जिला प्रधान प्रवीनप किच्छाना, प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य संजय जागलान, प्रेस प्रवक्ता भरत सिंह बैनीवाल, जोगी राम मलिक व अजमेर हरसौला सहित अन्य जाट नेताओं ने लोगों को संबोधित किया। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र पढ़ा गया। जिसमें भविष्य के आंदोलन का एलान किया गया। जाट नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पहले बना लेते पार्टी सैनी
जाट नेताओं का कहना है कि सांसद सैनी और रोशन लाल आर्य यदि पहले पहले ही अलग राजनैतिक पार्टी बना लेते तो प्रदेश में आगजनी व बर्बादी का मंजर नहीं देखना पड़ता।
बढ़ाया जाएगा आंदोलन
राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार अब 1 मार्च से कैथल सहित दस जिलों में 10 धरने ओर बढ़ाए जाएंगे। 2 मार्च दिल्ली में कूच करके राष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे। संसद का भी घेराव होगा। और 1 मार्च से असहयोग आंदोलन शुरू करेंगे। जिसमें बिजली, पानी बंद करने सहित कर्ज का भुगताना ना करने के साथ एक दिन के लिए भी भाईयों को दूध सब्जी व पानी की सप्लाई नहीं करने दी जाएगी। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों का समर्थन जुटाया जाएगा।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट सहित वरिष्ठ आईएएस रखे रहे नजर
दिन भर शहरी नगर निकाय विभाग के प्रधान सचिव एवं व्यापार मेला प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक आनंद मोहन शरण, आईजी सुभाष यादव, कानून एवं व्यवस्था से संबंधित स्थिति पर नजर रखे रहे।
22 संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए नाके
जिले में 22 संवेदनशील स्थानों पर नाके लगाए गए इसके अलावा 25 राईडर, 10 पीसीआर, पेट्रोलिंग पार्टी तैनात की गई। छह स्थानों पर रिजर्व पुलिस बल तैनात किया गया। इसके अतिरिक्त पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स के अतिरिक्त महिला पुलिस बल भी तैनात किए गए थे। प्रशासन की तरफ से 30 ड्यूटी मजिस्ट्रेट संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहे तथा 6 फायर ब्रिगेड गाड़ियां और 5 एंबुलेंस विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई।
4 घंटे लगा रहा कैथल से जींद, पानीपत जाने वाले मार्ग पर जाम, रूट डायवर्ट करना पड़ा
धरनास्थल पर उमड़ी भीड़ के कारण कैथल से जींद व पानीपत जाने वाले मार्ग पर पूरी तरह से जाम लगा रहा। जिस कारण प्रशासन ने वाहनों को डाइवर्ट कर दिया। असंध-पानीपत जाने वाले वाहनों को प्यौदा से तो जींद जाने वाले वाहनों को सौंगल सहित अन्य रास्तों से निकाला गया।
मोबाइल इंटरनेट बंद रहा, मोबाइल सेवा पर भी रहा असर
धरनास्थल पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गईं। वहीं यहां मोबाइल सेवाओं पर भी असर रहा।
हिसार, गुडग़ांव रोहतक रूट रहे पूरी तरह बंद
रविवार को रोडवेज के हिसार, गुडग़ांव, रोहतक रूट पूरी तरह से बंद रहे। वहीं जींद व असंध मार्ग पर शाम करीब पांच बजे बसें चलाई गई। इन रूटों पर बसें न चलने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। जीएम रोडवेज रामकुमार ने बताया कि हिसार, गुडग़ांव रोहतक रूट की बसों को अन्य रूटों पर भेजा गया है।
आपसी कहासुनी से टूटे ठेके के शीशे, समिति ने की शांति की अपील
धरनास्थल पर बंद पड़े एक ठेके के कमरे के ऊपर चढ़कर जब एक कर्मचारी फोटो लेने लगा तो सड़क पर खड़े युवक उस ठेके पर टूट पड़े। कुछ युवकों ने ठेके के शीशे तोड़ डाले। जिस कारण कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद संघर्ष समिति ने शांति की अपील की और तोड़फोड़ करने वालों को बाहरी बताते हुए सावधान रहने को कहा गया।
छुट्टी के बावजूद बंद रहे कार्यालय
रविवार को लघु सचिवालय, पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग, सिंचाई विभाग के कार्यालय खुले रहे। कुछ कार्यालयों में नदारद मिले।
डीसी संजय जून ने कहा कि बलिदान दिवस शांतिपूर्वक मनाया गया। सुरक्षा के लिए रुट बदलने सहित इंटरनेट सेवाएं बंद करने जैसे कई उपाय किए गए।