जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर गांव देवबन कैंची चौक व भागल में दिया गया धरना मंगलवार को भी जारी रहा। कैंची चौक पर मंगलवार को धरने की अध्यक्षता उदय सिंह ने की। समिति के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य संजय जागलान व प्रेस प्रवक्ता भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि यदि सरकार 15 मार्च तक नहीं चेती तो जाट समाज संसद घेराव के लिए दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि जाट समाज के लोग प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में रोडवेज, सड़क मार्ग, रेलवे, बिजली पानी बंद होगा और जाम लगेगा तो उसकी जिम्मेवारी प्रदेश व भाजपा सरकार की होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आरक्षण के मुद्दे को लंबा लटकाए जाने से प्रदेश में हालात खराब हो सकते हैं। आंदोलनकारी भाजपा की साजिश के शिकार हैं। उन्होंने कहा कि 20 मार्च के बाद सरकारी जनप्रतिनिधियों में संसद, मंत्री, विधायक व चेयरमैनों को गांवों में कोई भी सरकारी समारोह का आयोजन नहीं करने देंगे। इस मौके पर महेंद्र सिंह, सुल्तान सिंह रोड, प्रेम मलिक, महावीर, सोनू बांगड़, जोगिंद्र सिंह, युबेदार जिले सिंह, महावीर आर्य, रामकरण कोटड़ा, कर्मबीर माजरा, राजेश, राजेश, बलबीर, जिले सिंह, जवाहरमल, हरिपाल, शमशेर, बबली, निर्मला आदि मौजूद रहे।
भागल में 7वें दिन भी जारी रहा धरना
गांव भागल में आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे धरने के 7वें दिन धरने की अध्यक्षता रामदिया डंडौता ने की। प्रधान सतपाल, उप-प्रधान कर्मवीर बलबेहड़ा, हवा सिंह पूर्व सरपंच सींह, गुरमेल सिंह डंडौता, जगदेव सिंह बदसूई, पूर्व सरपंच शमशेर सिंह बलबेहड़ा, भले राम प्रेमी बलबेहड़ा, राजेश देवबन, मिया सिंह, गुरदयाल सिंह बदसूई, गुरमीत बदसूई, कर्मजीत बदसूई, सुरेश कोषाध्यक्ष, इंद्र सिंह पीडल, जयपाल, रतन सिंह, मांगे राम थेहबनेड़ा, जगदेव चीका, भरत हरिगढ़, राजिंद्र शर्मा, बजीर नेवल, ईश्वर धीमान, हरदीप नैन सींह, राजो देवी, भतेरी, शांति, पूर्व सरपंच हरबंस भूसला, संतोष भागल, जसविंद्र भूंसला, सजित भूंसला, कमला, कायल, कृष्णा, सोना देवी भी मौजूद थे।