जाट आरक्षण संघर्ष समिति का धरना जारी
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आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से गांव देवबन चौक पर दिया गया धरना 36वें दिन भी जारी रहा। रविवार को धरने की अध्यक्षता भले राम सिसला ने की। पूंडरी के पूर्व विधायक तेजबीर सिंह रोड धरने पर पहुंचे और जाट समाज को समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चौ. दवीलाल ने 1989 में छह जातियों को गुरनाम सिंह आयोग के तहत आरक्षण दे दिया था। लेकिन 1991 में चौ. भजन लाल ने इन छह जातियों के आरक्षण को खत्म कर दिया था। उसके बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने भी जाते-जाते आरक्षण का लॉलीपॉप दे दिया। लेकिन आरक्षण नहीं मिला। वर्तमान की भाजपा सरकार ने भी जाट समाज को कई बार धोखा दिया है। रविवार को धरने पर दिल्ली प्रदेश की उपाध्यक्ष निशा चौधरी भी पहुंची। उन्होंने जाट समाज के लोगों से अह्वान किया कि यदि जिले में जाट समाज का कोई भी विधायक, जिला पार्षद या अन्य कोई जनप्रतिनिधि हो तो वह अपना समर्थन 10 मार्च तक दे दे। वरना उनका धरने से सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाएगा। धरने को जिला अध्यक्ष प्रवीण किच्छाना, प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान सिंह कोटड़ा ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर संजय जागलान, मास्टर सुंदर लाल, अजमेर, राजबाला, राजा किच्छाना, अमरनाथ, कुड़ा राम, प्रीतम, राजा कसान, धनपती, बिल्लू चंदाना, बल्लू गुलियाणा आदि मौजूद रहे।