सरकार के साथ बातचीत पटरी से उतरने के बाद जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने दिल्ली कूच की तैयारियां पूरी करने का दावा करते हुए कहा कि कैथल से करीब 800 की संख्या में ट्रेक्टर-ट्रॉलियां दिल्ली कूच करेंगी। वहीं प्रशासन ने शनिवार दोपहर से मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाते हुए कई एहतियातन कदम उठाए हैं। साथ ही जिले में धारा 144 लागू करते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेटों को आदेश जारी किए हैं कि वे जरूरत पड़ने पर तुरंत बल प्रयोग करें।
जरूरत पड़ने पर तुरंत करें बल प्रयोग : डीसी
डीसी संजय जून ने दिल्ली कूच करने के आह्वान के दृष्टिगत सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेटों तथा पुलिस अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि जिले में कानून एवं व्यवस्था हर हालत में बनाए रखी जाए। किसी भी कीमत पर सड़क मार्ग व रेलवे ट्रैक को बाधित न होने दिया जाए। अर्धसैनिक बलों की 4 टुकड़ियों के अतिरिक्त सेना की 2 टुकड़ी तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। लघु सचिवालय में एसपी के साथ जिले के अधिकारियों की बैठक में डीसी ने सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेटों को हिदायतें देते हुए कहा कि परिस्थिति के अनुसार समय पर कार्रवाई करें और यदि बल प्रयोग की आवश्यकता होती है, तो तुरंत बल प्रयोग के आदेश दिए जाएं। ऐसी स्थिति में लापरवाही बरतने वाले ड्यूटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आवश्यक कार्यों के लिए ही बाहर निकलें लोग
डीसी ने लोगों से अनुरोध किया कि वे 19 व 20 मार्च को केवल आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकलें। हर स्थिति में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखी जाएगी तथा जन जीवन को सामान्य रखा जाएगा।
सभी शराब के ठेके बंद रखने के आदेश
19 व 20 मार्च को जिला की सीमा में स्थित सभी शराब के ठेके बंद रहेेंगे तथा टे्रक्टर-ट्रोलियों में लोगों को लाने-ले जाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। मांगें स्वीकृत होने पर लोग दिल्ली कूच ना करें।
अतिरिक्त बसें रहेंगी अलर्ट पर
आंदोलन में आपात स्थिति से निपटने के लिए 10 बसें स्टाफ सहित आरक्षित रखने के निर्देश दिए तथा सीएमओ को सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में स्टाफ 24 घंटे तैनात करने तथा सरकारी व निजी एंबुलेंस को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए।
10 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं डलेगा ट्रैक्टर में
डीसी ने जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक को निर्देश दिए कि वे सभी पेट्रोल पंपों पर यह सुनिश्चित करें कि ट्रैक्टर में केवल 10 लीटर डीजल ही डाला जाए तथा ट्रैक्टर मालिक का पूरा विवरण भी दर्ज किया जाए। किसी भी खुले बर्तन में तेल न दिया जाए। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे रास्ते से पेड़ों को हटाने वाली अपनी टीमों को तैयार रखें।
अनुशासन बनाए रखें पुलिसकर्मी
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस के जवान संगठित एवं अनुशासन में रहें ताकि किसी भी परिस्थिति का सामना किया जा सके। दिल्ली कूच के लिए चलने वाले लोगों को गांव स्तर पर ही रोका जाए तथा रास्ते को जाम न होने दिया जाए। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को किसी खुली जगह पर रोका जाए ताकि रास्ता जाम न हो।
राज्यपाल के आज होने वाले कार्यक्रम स्थगित
डीसी संजय जून ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत के 19 मार्च को कैथल में प्रस्तावित सभी कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिए गए हैं। महामहिम राज्यपाल को कैथल में तीन कार्यक्रमों में शिरकत करनी थी, जो स्थगित कर दिए गए हैं।
पूरे जिले में धारा 144 लागू
जाटों के 20 मार्च को दिल्ली कूच के आह्वान के चलते जिले में धारा 144 के तहत राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों मेें 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के सवार होने व अन्य सामग्री लेकर चलने पर तुरंत प्रभाव से पूर्ण पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं। जो 20 मार्च तक लागू रहेंगे। जारी किए गए आदेशों के तहत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में खाद्य पदार्थ, खाना-पकाने वाला सामान, लाठी-डंडे, तलवार, गंड़ासी आदि लेकर चलने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर या उनके आस-पास तंबू लगाने पर भी पाबंदी रहेगी।
मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर 20 मार्च शाम 6 बजे तक प्रतिबंध
डीसी संजय जून द्वारा जिला में इंटरनेट के माध्यम से सोशल मीडिया तथा संदेश सेवाओं के तहत अफवाहें फैलाने की आशंका के दृष्टिगत 18 मार्च से 20 मार्च शाम 6 बजे 2जी, 3जी, 4जी, एडीजीई व जीपीआर सिस्टम जैसी इंटरनेट सेवाओं पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इन आदेशों के तहत जिला कैथल की परिधि में स्थित सभी मोबाइल नेटवर्क व टेलीकॉम, सेवा प्रदाताओं द्वारा बल्क मैसेज, एसएमएस सेवा तथा इंटरनेट सेवाओं पर भारतीय दंड संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाया गया है।
अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
19 मार्च को राजपत्रित अवकाश होने के बावजूद अधिकारी और कर्मचारी कार्यालयों में मौजूद रहेंगे। सभी विभागाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं भी मुख्यालय पर उपस्थित रहना सुनिश्चित करेंगे तथा बिना किसी पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।
संघर्ष समिति ने खरीदे वॉकी-टॉकी सिस्टम
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा ने बताया कि सरकार ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है। मोबाइल सेवाओं पर भी रोक लग सकती है। इसलिए कैथल के लिए करीब 12 वॉकी-टॉकी सिस्टम खरीदे गए हैं। ताकि दिल्ली कूच के समय आपस में संपर्क बनाकर रख सकें। शनिवार तक करीब 550 ट्रेक्टर-ट्रॉलियां तैयार कर ली गई हैं। यह करीब 800 हो जाएंगी। 800 राष्ट्रीय ध्वज खरीद लिए हैं। साथ ही 90 प्रतिशत ट्रेक्टर-ट्रॉलियों के लिए डीजल ले लिया गया है। हर ट्राली में एक-एक जिम्मेवार व्यक्ति होगा। सरकार जहां भी उन्हें रोकेेगी, वहीं रसोई शुरू करते हुए आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री बातचीत के लिए द्वार खुले होने की बात कह रहे हैं, जबकि खुद देहरादून बैठे हुए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेशानुसार टेंट, खाने-पीने, सिलेंडर सहित अन्य सामान तैयार कर लिया है। समाज पहल नहीं करेगा। लेकिन यदि प्रशासन ने कोई गलत कदम उठाया तो वे भी पीछे नहीं रहेंगे।
धरना 49वें दिन भी जारी रहा
कैथल। जाट आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर गांव देवबन कैंची चौक पर दिया गया धरना 49वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को धरने की अध्यक्षता विजय मालखेड़ी ने की। धरने को संबोधित करते हुए प्रवीन किच्छाना व संजय जागलान ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के साथ विश्वासघात कर रही है। अगर सरकार ने हाईवे पर आंदोलनकारियों को रोकने का काम किया तो वहीं पर तंबू गांड़ दिये जाएगें। इसअवसर पर मियां सिह जाजनपुर, रणधीर किच्छाना, रतन, राजा कसान, रामकरण, जोगिंद्र कसान, सुभाष मटौर, महावीर, होशियार प्यौदा, अग्रेंजो तारागढ़, शेखर ढूल, गुरदेव, रणधीर, निर्मला, शमशेर नीमवाला, निर्मला, सेवा बांगड़ा, सुबेदार जिले सिह, लाडो,दर्शन सहित जाट समाज के अन्य लोग मोजूद रहे।