संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में अब औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यानी आईटीआई के विद्यार्थी सरकारी विभागों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की मरम्मत करेंगे। प्रशासन से भी इसकी अनुमति मिल गई है। वीरवार को विद्यार्थियों ने अनुदेशकों के साथ मिलकर लघु सचिवालय में उपकरणों एसी और वाटर कूलरों को ठीक भी किया।आईटीआई के प्रबंधन ने जिला प्रशासन से बातचीत की है।
गौरतलब है कि आईटीआई प्रबंधन ने जिला प्रशासन से इस संदर्भ में बातचीत की थी। अब आईटीआई विद्यार्थी सरकारी विभागों के वाटर कूलर, एयर कंडीशन, पंखे और आरओ आदि खराब उपकरणों को ठीक करने का काम कर सकेंगे। साथ ही जिन उपकरणों को सर्विस की जरूरत है, उन्हें ठीक कर सुचारू करेंगे। इसके लिए आईटीआई के प्रबंधन को जिला प्रशासन से अनुमति मिल गई है।
लघु सचिवालय में वीरवार को पहले दिन विद्यार्थियों ने अनुदेशकों के साथ मिलकर काम कर उपकरणों की मरम्मत की। इस दौरान आईटीआई के छात्र अपने इंस्ट्रक्टर की देखरेख में वाटर कूलर और एयर कंडीशन रिपेयर करते नजर आए।
आईटीआई के प्राचार्य सतीश मच्छाल ने बताया कि ये विद्यार्थी ऑन जॉब ट्रेनिंग हैं। इससे विद्यार्थियों को अपने कौशल में सुधार का अवसर तो मिलेगा ही, साथ में विभागों को आर्थिक रूप से लाभ होगा। उनके धन की बचत होगी। यह ट्रेनिंग इन्हीं दो उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है।
गौरतलब है कि उपायुक्त प्रीति ने गत 25 मार्च को पिंजूपुरा स्थित राजकीय आईटीआई कलायत का अचानक दौरा किया था और निर्देश दिए थे कि बच्चों के कौशल को बढ़ाने की दिशा में योजना बनाई जाए। इसके बाद संस्थान के प्रधानाचार्य भूपेंद्र पाल सिंह से विचार विमर्श के दौरान छात्रों की प्रतिभा व कौशल को संवारने व परखने के लिए जिला प्रशासन कैथल और राजकीय आईटीआई कलायत के बीच लघु सचिवालय के डीसी ऑफिस व आईटी सोसाइटी के सभी एसी व वाटर कूलर्स के रख खाव हेतु एक ऑन जॉब ट्रेनिंग के लिए एमओयू साइन करने के लिए सहमति बनी थी।
अब राजकीय आईटीआई कलायत एट पिंजूपुरा के रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग मैकेनिक व्यवसाय के 15 छात्र नौ अप्रैल को संबंधित व्यवसाय अनुदेशक रणदीप सिंह की अगुवाई में एसी व वाटर कूलर्स को दुरुस्त करने में जुट हुए हैं। डीसी ने कहा कि आईटीआई में सभी बच्चों को कौशल ट्रेनिंग देने में समय लगता है। इसलिए कलायत आईटीआई के छात्र सचिवालय के एसी व वाटर कूलर्स को अपने व्यवसाय अनुदेशक के नेतृत्व में दुरुस्त करने में लगे हैं।
डीसी ने कहा कि यह साझेदारी स्किल ट्रेनिंग के लिए एक नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगी और हम अन्य व्यवसायों के छात्रों के साथ भी उनकी स्किल को निखारने के लिए विचार विमर्श कर रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि छात्रों की कार्यकुशलता व स्किल से हम प्रभावित हैं और आम जनता भी बच्चों को स्किल ट्रेनिंग दिलवाने की दिशा में प्रोत्साहित होगी।