हरियाणा राज्य आईटीआई अनुदेशकों की प्रदेश स्तरीय बैठक रविवार को जींद रोड स्थित राजकीय आईटीआई में हुई। जिसमें अनुदेशकों की मांगों के संबंध में आगामी 14 फरवरी को प्रदेश भर के 90 विधायकों को ज्ञापन देेने का फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष प्रवीन देशवाल ने की। कर्मचारियों ने इस दौरान सरकार की वायदा खिलाफी के खिलाफ जमकर रोष जताया और नारेबाजी की।
राज्य महासचिव विनोद शेखावत ने बताया कि भाजपा ने सत्ता में आने से पूर्व कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन आज सरकार उन्हें पूरा करने से दूर भाग रही है। उन्होंने कहा कि सरकार टरकाऊ रवैया अपना रही है। इसके विरोध में अब 14 फरवरी को प्रदेश भर के 90 विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में 15 से 19 फरवरी तक प्रदेश के सभी 147 राजकीय आईटीआई में काली पट्टी बांधकर रोष जताया जाएगा। इसके उपरांत तीसरे चरण में 21 फरवरी को रोहतक, 28 को हिसार, 6 मार्च को गुड़गांव और 12 मार्च को अंबाला के मंडल आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।
यदि फिर भी उनकी मांगें नहीं मानी गई तो 26 मार्च से प्रदेश के सभी आईटीआई अनुदेशक करनाल में अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ जाएंगे। प्रवीन देशवाल ने कहा कि सरकार अनुदेशक को मात्र 3600 का पे बैंड दे रही है, जबकि जेबीटी की पे बैंड 4600 है जो कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात है। उनकी मांगों में उच्च पदों पर शत प्रतिशत पदोन्नति, अनुदेशक व वर्ग अनुदेशक को ट्रेनिंग आफिसर व सीनियर ट्रेनिंग आफिसर पदनामित करना, डीसी रेट पर कार्यरत अनुदेशकों को मूल वेतन व मंहगाई भत्ता देना शामिल है। इस अवसर पर देवकिशन तक्षक, रामकरण, कृष्ण कुमार, विजय कुमार, मुकेश नेहरा, शीशपाल, यशपाल ढांडा, दिलबाग सिंह, प्रदीप कुमार, राजकुमार गांधी, शमशेर मलिक, सुरेंद्र मोहन, बलजीत सिंह, विजय पाल, जगदीश चंद उपस्थित थे।