विधानसभा में अपनी बात रखते हुए गुहला विधायक देवेंद्र हंस। विधायक टीम
गुहला-चीका। हरियाणा विधानसभा के शून्यकाल के दौरान गुहला से विधायक देवेंद्र हंस ने गांव भूना की पंचायती जमीन से जुड़े कब्जे और लीज के मामले को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमों की अनदेखी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कमजोर और वंचित वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जाति समाज के हितों से जुड़ी जमीन को कथित फर्जीवाड़े और राजनीतिक प्रभाव के जरिये हथियाने का प्रयास गंभीर मामला है। यदि प्रभावशाली लोग राजनीतिक पहुंच के आधार पर पंचायती जमीनों का लाभ लेने लगेंगे तो समाज के कमजोर वर्गों के अधिकार प्रभावित होंगे।
लीज रद्द हुई, अब जिम्मेदारी तय हो
विधायक देवेंद्र हंस ने कहा कि भूना की पंचायती जमीन के मामले की जांच के बाद एसडीएम गुहला की ओर से भाजपा नेता की माता के नाम जारी लीज को रद्द किया जा चुका है। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के अनुसार उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि निष्पक्ष कार्रवाई से लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है। विधायक ने कहा कि केवल लीज रद्द कर देना पर्याप्त नहीं है। यह भी जांच का विषय है कि लीज किस प्रक्रिया के तहत जारी हुई और नियमों की अनदेखी किन स्तरों पर हुई। शून्यकाल के दौरान विधायक ने भागल सब-डिवीजन को लंबे समय बाद भी शुरू नहीं किए जाने का मामला उठाते हुए सरकार से इस दिशा में जल्द कार्रवाई करने की मांग की। विधायक ने गुहला विधानसभा क्षेत्र की टूटी और जर्जर सड़कों का मुद्दा भी उठाया।
विधानसभा में अपनी बात रखते हुए गुहला विधायक देवेंद्र हंस। विधायक टीम