फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: वर्ष 2021 में बैंक महाप्रबंधक रहे आरोपी विजय के खातों की भी जांच हुई शुरू

Thu, 08 Feb 2024 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल। एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम ने ने अब वर्ष 2021 में द केंद्रीय सहकारी समिति के बैंक प्रबंधक रहे आरोपी विजय के बैंक खातों की जांच भी शुरू कर दी है। आरोपी विजय कुमार को एसीबी अंबाला की टीम ने रविवार को हिसार के आदमपुर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद तुरंत ही आरोपी को न्यायालय में पेश कर दो दिन का रिमांड भी लिया था। आरोपी विजय का रिमांड वीरवार को समाप्त होगा। यह जानकारी एसीबी अंबाला के इंस्पेक्टर वीरभान सिंह ने दी। गौरतलब है कि आरोपी विजय को एसीबी ने स्टेशनरी खरीदने की डिमांड के तहत 60 हजार रुपये की रिश्वत ली थी। यह रिश्वत आरोपी ने ठेकेदार स्टायलिन उर्फ गुलाब से अपने बैंक खाते में डलवाई थी। इसके बाद अब एसीबी की टीम ओर से आरोपी विजय के बैंक खातों का सरकारी खातों के साथ मिलान किया जा रहा है। एसीबी के अनुसार आरोपी विजय की ओर से केवल 60 हजार रुपये ही नहीं, बल्कि और अधिक राशि को भी अपने बैंक खाते में डलवाने की आशंका है। इस मामले में अंबाला एसीबी के इंस्पेक्टर बीरभान सिंह ने बताया कि अभी आरोपी विजय का दो दिन का रिमांड किया है। यह रिमांड वीरवार को खत्म होगा।



जितेंद्र व कृष्ण की ओर से किए गबन में भी पैक्स रिकॉर्ड सूचीबद्ध कर रही एसीबी

वहीं, कैथल एसीबी जितेंद्र कौशिक व कृष्ण बैनीवाल ओर से किए गबन में भी पैक्स रिकॉर्ड सूचीबद्ध कर रही है। इसके तहत एसीबी ने जिले की 33 पैक्स का रिकॉर्ड तलब किया गया है। इस रिकॉर्ड के मिलने के बाद आईसीडीपी योजना की राशि के तहत आए सामान की जांच की जानी है, लेकिन इससे पहले इस रिकॉर्ड को सूचीबद्ध किया जा रहा है। इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि किस प्रकार से आरोपियों की ओर से सामान का प्रयोग मंगवाने के बाद किया गया या नहीं। दूसरा पहलू यह भी है कि वास्तव में यह सामान आया भी या नहीं। यह जानकारी रिकॉर्ड के सूचीबद्ध होने के बाद ही मिल पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मामले में कैथल एसीबी के प्रभारी इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि जिले की 33 पैक्स का रिकॉर्ड उनके पास आ गया है। अब इस रिकॉर्ड को सूचीबद्ध किया गया है। आगामी एक से दो दिन में सूचीबद्ध हुए रिकॉर्ड के तहत ही घोटाले में जांच को लेकर सही जानकारी मिल पाएगी क्योंकि इस घोटाले के तहत करीब साढ़े 10 करोड़ रुपये की राशि का गबन करने का आरोप सभी आरोपियों पर है।

——————————
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें